चना और मसूर को गुणवत्ताहीन बताकर नहीं की जा रही खरीदी
शासन द्वारा चना मसूर के समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों पर किसानों की उपज को गुणवत्ताहीन बताकर नहीं खरीदा जा रहा है। केंद्रों पर किसानों द्वारा छानन सहित अन्य प्रकार की सफाई करने के बाद भी उनकी उपज को गुणवत्ताहीन बताया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि उनकी साफ उपज को भी मापदंड के अनुसार नहीं मापा जा रहा है। मंगलवार को आक्रोशित किसानों ने शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर एक शिकायती ज्ञापन सौंपा है।
समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों पर दूर दूर से अपनी उपज लेकर आ रहे किसानों को तुलाई कराना किसी रणभूमि में युद्ध करने से कम नहीं है। पहले से साफ उपज लेकर आने वाले किसानों को पहले दिन दिनभर छन्ना लगाने के लिए मेहनत करना पड़ती है। और बाद में उनकी उपज को गुणवत्ताहीन बताकर तुलाई से मना कर दिया जाता है। किसानों की उपज तुले या न तुले। हम्मालों को 20 रुपए प्रति बोरा देना पड़ रहा है। ज्ञापन देने पहुंचे किसान मुकेश धाकड़, गगन गौर, राजेश पटेल, विक्रम सिंह, संदीप यादव, गोपाल ठाकुर, यशवंत गौर, प्रेमसिंह, नासिर खां आदि किसानों ने बताया कि मंडी प्रशासन को किसानों ने पूर्व में खरीदी के मापदंडों को चस्पा करने को कहा था ताकि किसान परेशान न हो पाएं, लेकिन मंडी प्रशासन ने किसानों की मांगें अनसुनी कर दीं। अब किसान अपनी उपज बेचने परेशान हो रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया है कि चना मसूर की गुणवत्ता की जांच करने तैनात कर्मचारी भी अनुभवहीन हैं जो उपज में शासन के निर्धारित मापदंडों को भी नहीं समझ पा रहा है। समस्या बताए जाने पर मंडी सचिव अभद्रता पर उतारू हो जाते हैं। उपज बेचने में किसान शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से परेशान हो रहा है। कई कई किमी दूर से अपनी उपज लाने वाला किसानों बैरंग ही वापस लौटाया जा रहा है।
किसानों ने बताया कि वर्तमान में वैवाहिक कार्यक्रमों सहित अन्य व्यवस्थाएं करने में किसान पैसा कहां से लाए। समर्थन मूल्य चालू होने से बाजारों में उपज का मूल्य काफी कम है। और केन्द्रों पर उनकी उपज खरीदी नहीं जा रही। ऐसे में किसानों को अब मरने की नौबत आ गई है। किसानों ने एसडीएम एमपी बरार को एक शिकायती ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की है। किसानों के ज्ञापन के बाद एसडीएम ने बताया कि किसानों की परेशानी एवं मंडी सचिव की लचीली कार्यशैली का प्रतिवेदन जिला कलेक्टर को भेजा है। जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा।
खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्थाओं के खिलाफ किसानों ने सौंपा ज्ञापन।