नप के 74 दैवेभो कर्मियों के नियमितीकरण पर लगी रोक
नगर परिषद गैरतगंज में कार्यरत 74 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने रोक लगा दी है। इन कर्मचारियों को जनवरी 2018 में नियमित किए जाने के बाद जिला चयन समिति द्वारा शासन को सूचना दी गई थी। विभाग ने निर्धारित दिनांक से कार्यरत न होने के कारण इनके नियमितीकरण को निरस्त किया है। इस कार्रवाई के बाद इन कर्मचारियों के वेतन पर असर पड़ेगा।
नगर परिषद में जनवरी 2018 में 74 कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को नियमित कर्मचारी का दर्जा देकर उन्हें सुविधाएं दी गई थीं। नियमितीकरण की यह कार्रवाई नगर परिषद एवं जिला चयन समिति की ओर से की गई थी। नगरीय प्रशासन विभाग ने इन कर्मचारियों के नियमितीकरण को नियम विरुद्ध मानकर इसे निरस्त कर दिया है। विभाग द्वारा इस संबंध में नगर परिषद को पत्र जारी कर इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विभाग के संभागीय संयुक्त संचालक ने निर्देश दिए हैं कि नगर परिषद गैरतगंज में नियमित किए गए 46 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी एवं 28 सफाई कर्मी सहित 74 कर्मचारियों को शासन के नियमों के प्रावधान अनुसार 16 मई 2007 की स्थिति में कार्यरत होना चाहिए था, लेकिन नियम विरुद्ध इन कर्मचारियों की नियुक्ति इस अवधि के बाद होने के उपरांत भी इन्हे नियमितीकरण का लाभ दे दिया गया। जो गलत है। इस आधार पर इनका नियमितीकरण निरस्त किया जाता है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस संबंध में शासन स्तर पर अंतिम निर्णय होना लंबित है। तथा वहां से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप अगली कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि नगर परिषद गैरतगंज का गठन वर्ष 2009 में किया गया था। तथा उसके बाद क्रमशः कुछ वर्षों में दैनिक वेतनभोगी कर्मी नियुक्त होते रहे। नगर परिषद द्वारा नगरीय निकाय में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण के आदेश के बाद तथा कर्मचारियों द्वारा नियमितीकरण की मांग को लेकर हड़ताल किए जाने की उथल पुथल में नगर परिषद ने आनन फानन में इन कर्मचारियों को नियमितीकरण का लाभ दे डाला। उसमें नियम और प्रावधानों का कोई ध्यान नहीं रखा। नतीजतन अब नियमितीकरण का लाभ ले चुके इन कर्मचारियों पर अपात्रता की कार्रवाई हो रही है। जिस कारण इनके वेतन भत्तों पर बड़ा असर पड़ेगा। यह कर्मचारी विगत 3 माह से नियमित कर्मचारियों का वेतन प्राप्त कर रहे थे। तथा अब इस आदेश के क्रियान्वयन होने से प्रत्येक कर्मचारी को 3 से 4 हजार रुपए का नुकसान प्रतिमाह होगा। इस संबंध में बात किए जाने पर नपा सीएमओ एमजी गोस्वामी का कहना है कि विभाग के आदेश के अनुरूप कार्रवाई की जा रही है।