कृषि अनुसंधान केंद्र का खरीफ की फसल का उत्पादन बढ़ाने पर जोर
दारीसाई स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में बुधवार को 2017-18 में खरीफ फसल पर हुए अनुसंधान को लेकर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में वर्ष 2018-19 में किए जाने वाले अनुसंधान एवं बजट पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दारीसाई क्षेत्रिय अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ डी एन सिंह, सहायक निदेशक डॉ जिव्रा टोप्पो व अन्य ने की। कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम, पश्चमी सिंहभूम, सरायकेला के कृषि वैज्ञानिकों ने भाग लिया। डॉ नरेश प्रसाद यादव ने धान के अनुसंधान 17-18, धान 27 पी31, बीएस133, सावा 200 एराइज एक्सप्रेस 64, 44, गोल्ड के बारे में जानकारी दी। साथ में कहा कि मध्यम जमीन में सोभागी धान की फसल अच्छी होती है। इस दौरान अरहर, सब्जी, बरसात में टमाटर की खेती, जल संग्रह, हाइब्रिड फसल पर निर्भर न रहकर खेती कर रोजगार करते रहने व उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर जानकारी दी गई। मौके पर डॉ डीएन सिंह, डॉ एमएस यादव, डॉ डीके साह, डॉ केके झा, डॉ जीए अहिलर, डॉ पीके सिंह, डॉ पी कुमार, डॉ आरती विना एक्का, डॉ विनोद कुमार, डॉ जी टोप्पो, डॉ भूषण प्रसाद, डॉ एस एस कुमार, डॉ डी रजक, डॉ एन पी यादव, डॉ वर्णवाल, डॉ प्रसाद, डॉ डी महतो आदि उपस्थित थे।
कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यक्रम का उद्घाटन करते अतिथि।
कृषि विज्ञान केंद्र की झाड़ियों में लगी आग पौधे जलकर खाक
गालूडीह बुधवार को दारीसाई स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में फार्म हाउस में लगे पौधों व झाड़ियों में आग लग गई। जिससे काफी पौधे जलकर खाक हो गए। सूचना देने पर दमकल गाड़ियां मानगो से पहुंचकर आग पर काबू पाया। फार्म हाउस में रखी मशीन बच गई। वहीं पेड़ पौधे तथा मूंग की फसल भी जलने से बच गई। समय रहते दमकल गाड़ी आकर आग नहीं बुझाती तो लाखों का नुकसान हो सकता था। आग कैसे लगी पता नहीं चल पाया। इसके पहले भी झाड़ियों में आग लग चुकी है।
चार दिवसीय समेकित कृषि प्रणाली का प्रशिक्षण शुरू
समेकित कृषि प्रणाली का प्रशिक्षण लेते किसान।
भास्कर न्यूज। गालूडीह
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रांगण में चार दिवसीय समेकित कृषि प्रणाली का प्रशिक्षण बुधवार को प्रारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण में घाटशिला, पटमदा में आए 22 किसानों ने भाग लिया। समेकित कृषि का प्रशिक्षण देने के लिए डॉ आरती विना एक्का व डॉ जी मा़र्डी उपस्थित थे।