जिला शिक्षा अधीक्षक बांके बिहारी सिंह ने शुक्रवार को मुसाबनी एवं घाटशिला में विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस क्रम में डीएसई अपग्रेडेड हाई स्कूल कुईलीसुता पहुंचे। उन्होंने यहां शिक्षकों से विद्यालय की व्यवस्था की जानकारी ली। स्थानीय ग्रामीणों से मिले। विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों से भी उन्होंने मुलाकात कर वस्तु स्थिति का जायजा लिया। डीएसई के निरीक्षण की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इस विद्यालय में 2 विद्यालय क्रमशः प्राथमिक विद्यालय भंडार बोरो एवं भुइयांबोरो का विलय हुआ है। इन बच्चों से भी उन्होंने बातचीत की। उन्होंने यहां देखा कि पूर्व के विद्यालय की बजाय इस विद्यालय में बच्चों के पढ़ाई की गुणवत्ता में बदलाव आया है। यहां मध्याह्न भोजन की व्यवस्था भी ठीक है। विद्यालय में बच्चों के बीच पढ़ाई का माहौल है। पूछने पर बच्चों ने जवाब भी दिया। बच्चों में प्रतियोगिता की भावना बढ़ी है।
ग्रामीणों की सुनी समस्याएं
इसके बाद डीएसई, बीईईओ बैकुंठ महतो व ग्रामीणों के साथ पैदल ही प्राथमिक विद्यालय भंडार बोरो एवं भुइयांबोरो भी गए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की। कुछ ग्रामीणों ने अपनी समस्या से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने कहा कि विलय के बाद बच्चों की गुणवत्ता में आए बदलाव का जायजा संबंधी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी।
कुईलीसुता में शिक्षकों से जानकारी लेते डीएसई व अन्य।
विद्यालयों के विकास के लिए एक हजार बच्चों पर 1 लाख रुपए मिलेंगे
गालूडीह |गालूडीह आदर्श विद्यालय में शिक्षा अधीक्षक बांके बिहारी सिंह, एपीओ अखिलेश कुमार, नीति आयोग के सलाहकार देवान सिंह आदि पहुंचकर अभिभावकों से बातचीत की। अभिभावकों ने बताया कि बालिका प्राथमिक विद्यालय, कालीमाटी प्राथमिक विद्यालय, पाटमहुलिया प्राथमिक विद्यालय तीनों विद्यालयों का विलय हो गया है। आदर्श मध्य विद्यालय में कुल 475 विद्यार्थी हैं। सरकार चाहती है कि सबों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। शिक्षक की कमी दूर हो। हर कक्षा में शिक्षक हों जिससे बेहतर शिक्षा मिले। 6 महीना में देखने को मिलेगा कि प्राइवेट विद्यालय से अच्छी शिक्षा सरकारी विद्यालयों में ही मिल रही है। विद्यालय में कंप्यूटर, लाइब्रेरी, खेलकूद का सामान मिलेगा। पदाधिकारियों ने कहा कि विलय को लेकर विरोध हो रहा है तथा शिक्षकों व पदाधिकारियों को बंधक बना लिया जा रहा है, यह गलत है। आदर्श विद्यालय में 5 शौचालयों की मरम्मत होगी, पानी की व्यवस्था, विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षा, लाइब्रेरी बनेगी। पारा शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को सड़क पार कराएं। बीआरसी भवन के समीप स्पीड ब्रेकर बनेंगे। जिस विद्यालय में 100 विद्यार्थी हैं उन्हें विकास के लिए 25 हजार रुपए, 500 विद्यार्थियों के लिए 75 हजार रुपए व 1000 विद्यार्थियों पर एक लाख रुपए मिलेंगे।