83 महिलाएं 100 एकड़ में फैले वन की करतीं हैं रक्षा
बड़ाखुशी पंचायत के आमचुड़िया की महिला वन रक्षा समिति की महिलाएं 100 एकड़ में फैले वन की रक्षा करती हैं। पिछले वर्ष महिला वन रक्षा समिति को वन विभाग द्वारा 4 लाख रुपए देकर सम्मानित भी किया गया था। महिलाएं टीम बनाकर बारी-बारी से जंगल की रक्षा के लिए ड्यूटी करती हैं। टीम में कुल 83 महिलाएं शामिल हैं। एक टीम सुबह तो दूसरी टीम शाम को ड्यूटी करती है। टीम को अवैध लकड़ी काटने वालों की सूचना देने पर इनाम दिया जाता है। यदि पेड़ काटने वाले पकड़े जाते हैं तो एक हजार रुपए जुर्माना व विभाग द्वारा कार्रवाई होती है। महिलाओं का कहना है कि वर्ष 2011 से वन की रक्षा करती आ रही हैं। वन में काजू, एकाशिया, पियासाल, उकाली व अन्य प्रजाति के पेड़ लगे हैं। वहीं महिला वनरक्षा समिति ने गांव में बैठक कर बताया कि गांव में एक भी चापाकल नहीं है और न ही तालाब है। शालदोहा गांव में एक चापाकल, आमचुड़िया में 4 चापाकल है। जिसमें पानी की समस्या कुछ हद तक दूर हुई है।
समिति की अध्यक्ष सुलोचन हांसदा, कोषाध्यक्ष नमिता गोप, सरला महतो, सुशीला महतो, कविता गोप, माधुरी गोप ने बताया कि गांव में 110 परिवार हैं। एक भी शौचालय नहीं है, प्रधानमंत्री आवास नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि आमचुड़िया गांव में प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अन्य पदाधिकारी गांव तथा वन का दौरा नहीं करते। ग्रामीणों ने गांव में शौचालय, पीएम आवास और पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
आमचुड़िया में चापाकल से पानी भरतीं महिलाएं।