गांडेय में विधवा, वृद्धा व दिव्यांग पेंशन के लिए पंचायत स्तर पर लगातार शिविर का आयोजन कर इन योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। गांडेय सीओ जहुर आलम इन योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए पंचायतवार शिविर लगा कर सीआई, पंचायत प्रतिनिधि, पंचायत सचिव समेत अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में विधवा वृद्धा व दिव्यांग पेंशन के लाभुकों का आवेदन लेकर त्वरित लाभ दिलाने का कार्य कर रहे हैं। सरकार के निर्देश पर कई संस्थाएं तथा समाजसेवी भी शिविर व अन्य माध्यम से विधवा, वृद्धा व दिव्यांग पेंशन के लिए लाभुकों के लिए कार्य कर रहे हैं। पर इतने प्रयास के बाद भी वास्तविक लाभुक अब भी विधवा, दिव्यांग व वृद्धापेंशन के लिए किसी तारणहार की आस में नजरे जमाए रहते हैं। गांव में किसी भीड़भाड़ अथवा दूसरे कार्यक्रम में पहुंचे लोगों के पास पहुंच कर दु:खड़ा सुनाने लगते हैं। फुलची पंचायत के पूर्व पंसस जोधपुर निवासी 70 वर्षीय गुरधा मरांडी ने बताया कि पांच वर्ष तक पंसस के पद पर रह कर दर्जनों लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाया पर जब उसे सरकार की योजना की दरकरार पड़ी तो पंचायत प्रतिनिधि कन्नी काटने लगे। जोधपुर के 71 वर्षीय भागीरथ हेम्ब्रम, वितल हेम्ब्रम, सुनुलाल मरांडी, पिता गेंडा मरांडी (65), दिव्यांग भूखन पंडित, फुलची पंचरुखी के कैलु हांसदा (70), दिव्यांग किशोर राणा, पिता कटी राणा समेत कई लोग सरकार की योजनाओं से महरूम अब भी किसी बैठक या कार्यक्रम में जमा हो जाते हैं ताकि पदाधिकारी अथवा संस्था या संगठन के लोग उन्हें योजनाओं का लाभ दिला सकें। सवाल सिर्फ गांडेय प्रखंड के फुलची पंचायत का ही नहीं है वरन गांडेय के कमोबेश सभी पंचायत की स्थिति एक जैसी है। सरकार के प्रयास के बाद भी वास्तविक लाभुक अब भी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।