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पल्लेदारों व व्यापारियों के बीच वार्ता विफल, तीन दिन में मंडी में 8 करोड़ का कारोबार ठप

3 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता | गंगापुर सिटी

नई अनाज मंडी में पल्लेदारों और व्यापारियों के बीच चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई वार्ता बेनतीजा रही। वार्ता के दौरान दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे। कई बार दोनों पक्षों के बीच तनातनी भी हुई। सीजन का समय होने से तीन दिन से मंडी में कारोबार ठप रहने से 8 करोड़ से अधिक का व्यापार प्रभावित रहा।

मंडी में पल्लेदारों व व्यापारियों के बीच दरों सहित कई मुद्दों को लेकर चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों की बैठक की एसडीएम बाबूलाल जाट ने मध्यस्थता की। मंडी सचिव महेन्द्र शर्मा की मौजूदगी में बैठक में पल्लेदारों व व्यापारियों ने अपना-अपना तर्क रखा। व्यापारियों ने पल्लेदारों पर बिना पूर्व सूचना मंडी बंद करने, मंडी में राठौड़ी से काम का समय 10 से शाम 5 बजे करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में हुई समझौता बैठकों में व्यापारियों की एक भी समस्या का समाधान नहीं होने की बात कही। पल्लेदार हर बार सीजन के दौरान मजदूरी की दरों को बढ़ाने की मांग को लेकर विवाद कर देते हैं जबकि मजदूरी की दरें बढ़ाने से व्यापारियों का नहीं किसानों का नुकसान होता है। पल्लेदारों का कहना था कि मंडी बंद करने का आरोप निराधार है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुई समझौता वार्ता के अनुसार एक अप्रैल से मंडी में दरें निर्धारित हो जानी चाहिए लेकिन इस पर अब तक कोई चर्चा नहीं हुई।

गंगापुर सिटी . पल्लेदारों और व्यापारियों के बीच एसडीएम की मौजूदगी में बैठक हुई, लेकिन बेनतीजा रही।

अड़े रहे दोनों पक्ष, कई बार तनातनी

बैठक के दौरान दोनों पक्ष अपनी अपनी बात पर अड़े रहे। वार्ता के दौरान दोनों ही पक्षों में कई बार गर्मागर्मी भी हुई और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे। दोनों पक्षों की वार्ता सुनते हुए उपखंड अधिकारी बाबूलाल जाट ने दोनों ही पक्षों को समझाते हुए कहा कि मंडी में इस तरह से काम बंद नहीं किया जा सकता, साथ ही पल्लेदारों द्वारा निर्धारित किए गए समय की पाबंदी को भी हटाकर काम शुरू करना होगा। पल्लेदार और व्यापारी एक दूसरे के पूरक है, ऐसे में दोनों ही पक्षों को आपस में बैठकर पहले वार्ता करनी होगी और मुद्दों को सुलझाना होगा। जिन मुद्दों पर दोनों पक्षों में बात नहीं बनती हैं, उन्हें प्रशासन की मौजूदगी में सुलझाया जाएगा।

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