कोटा के बाद गंगापुर सिटी में शुरू होगा आरआरआई कार्य
भास्कर न्यूज | गंगापुर सिटी
दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग के गंगापुर सिटी स्टेशन पर केंद्रीयकृत क्रू एवं गार्ड लॉबी के पास आरआरआई (रूट रिले इंटरलॉकिंग) सिस्टम के लिए भवन बनकर तैयार हो गया है। रेलवे सूत्रों के अनुसार कोटा में रूट रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम का कार्य चल रहा है। पूरा होने के बाद शीघ्र ही गंगापुर सिटी में रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम का काम चालू किया जाएगा जिससे आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। मशीनों से ट्रेनों को सिग्नल दिए जाएंगे।
नहीं रहेगी कैबिनों की जरूरत
रेलवे सूत्रों के अनुसार आरआरआई शुरू होने के बाद केबिनों की आवश्यकता नहीं रहेगी। आरआरआई से ही दोनों केबिनों का काम किया जाएगा। वर्तमान में केबिनों से ट्रेनों को सिग्नल दिया जाता है। रेलकर्मियों को ट्रेनों पर बराबर निगरानी रखनी पड़ती है लेकिन आरआरआई के शुरू होने के बाद केन्द्रीयकृत कंट्रोलिंग का कार्य शुरू हो जाएगा।
लगेंगे इलेक्ट्रॉनिक रिले पैनल
विभागीय अधिकारियों के अनुसार इसमें पुराने रिले के स्थान पर अत्याधुनिक रिले पैनल लगाए जाएंगे। इनमें ट्रेनों को सिग्नल दिखाने में नवीनता आएगी। वर्तमान में ट्रेनों को अलग-अलग प्रकार से सिग्नल दिखाए जाते हैं लेकिन आरआरआई के वर्किंग में आने के बाद ट्रेनों को सिग्नल देने में तकनीकी सुविधाएं मिलेंगी।
नहीं होंगे सिग्नल फेल
वर्तमान में कभी कभी सिग्नल के फेल होने की समस्या खड़ी हो जाती है और इसके कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है लेकिन आरआरआई तकनीकी से सिग्नल फेल होने की समस्या खत्म हो जाएगी।
रेलवे में ग्रेड टू का ग्रेड वन में होगा विलय
गंगापुर सिटी | रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों मांग रेलवे बोर्ड ने मान ली है। इस संबंध में नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडिया रेलवे (एनएफआईआर) की बहुत पुरानी मांग थी। वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे मजदूर संघ के मंडल उप सचिव डी.के. शर्मा ने बताया कि एनएफआईआर के महासचिव डॉ. एम राघवैया के प्रयासों से रेलवे तकनीकी कर्मचारियों को लाभ होगा। उन्होंने बताया कि राघवैया ने सभी महासचिवों को इसकी सूचना भेज दी है। उन्होंने सभी रेलकर्मियों के बीच अपनी उपलब्धियों के रूप में प्रचारित करने के निर्देश दिए हैं। रेलवे बोर्ड ने जहां तकनीशियन ग्रेड वन (2800 ग्रेड पे) में तकनीशियन ग्रेड टू (2400 ग्रेड पे) का विलय कर दिया है, वहीं कैडर रीस्ट्रक्चरिंग के तहत फेरबदल कर नए पदों की संख्या में बदलाव करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव से टेक्नीशियन ग्रेड टू और ग्रेड थ्री के स्वीकृत पद की संख्या घटेगी।