नगर संवाददाता. गंगापुर सिटी।
समीपवर्ती बड़ी उदेई गांव में बिजली-पानी की समस्या से ग्रामीण त्रस्त है। गुरुवार को इस संबंध में ग्रामीणों ने समाजसेवी मुक्तदिर अहमद के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी बाबूलाल जाट और बिजली निगम के अधिशासी अभियंता एके बुजेटिया को ज्ञापन देकर रमजान के माह में रोजेदारों की परेशानी को देखते हुए गांव में बिजली-पानी की समुचित व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
समाजसेवी मुक्तदिर अहमद ने बताया कि गांव में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुचारू नहीं है। आए दिन निगम द्वारा लोड़ सेटिंग के नाम पर मनमाने तरीके से बिजली की घंटों तक अघोषित कर दी जाती है। ग्रामीण जब इस मामले में निगम कार्यालय, जीएसएस और अधिकारियों के पास फोन करते है तो समस्या का समाधान करना तो दूर किसी का फोन तक नहीं उठता। हालत यह है कि कई बार फॉल्ट आने और प्राकृतिक आपदा अंधड़-बारिश के दौरान बिजली के तार टूट जाते है और इस संबंध में भी ग्रामीण शिकायत करते है लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती, आखिर में ग्रामीणों को जीएसएस पर जाकर कर्मचारियों से मिन्नतें कर समस्या को सुलझाया जाता है।
वहीं दूसरी तरफ गांव में पानी की समस्या भी गंभीर बनी हुई है और इस भीषण गर्मी में ग्रामीणों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। बार बार शिकायत करने के बावजूद जलदाय विभाग द्वारा समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। समाजसेवी मुक्तदिर ने बताया कि शुक्रवार से रमजान का महीना शुरू हो जाएगा और रोजेदार भीषण गर्मी में करीब 16 घंटे का रमजान करेंगे। उन्होंने बताया कि गर्मी के इस मौसम में बिजली कटौती और पानी की समस्या दोनों से ही रोजेदारों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी। ऐसे में उन्होंने उपखंड अधिकारी से रमजान माह में रोजेदारों की परेशानी को देखते हुए बिजली-पानी की समुचित व्यवस्था किए जाने की मांग की है। उन्होंने बिजली कटौती बंद कराने के साथ साथ पानी की समस्या का भी हल करने की मांग की है। इस पर उपखंड अधिकारी बाबूलाल जाट और अधिशासी अधिकारी एके बुजेठिया ने ग्रामीणों को बिजली कटौती बंद कर निर्बाध बिजली आपूर्ति किए जाने व पानी की समस्या का भी त्वरित निस्तारण करने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में समाजसेवी मुक्तदिर अहमद, मोहतासिम बिल्लाह, महेश, अनीक, छात्र नेता मोनू व सादिल, असजद खान, पप्पू, रामजीलाल, फैज अहमद, मौ. सादाब, नोरेज आदि शामिल थे।
गंगापुर सिटी . बिजली की समस्या को लेकर ज्ञापन देते बड़ी उदेई के ग्रामीण।