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जनप्रतिनिधियों की शह पर भ्रष्टाचार चरम पर, नगर परिषद पर आरोप

3 वर्ष पहले
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गंगापुर सिटी. पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व संसदीय सचिव रामकेश मीणा व ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष हरगोविंद कटारिया।

गंगापुर सिटी| नगर परिषद ही नहीं अपितु सभी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है जो जनप्रतिनिधियों की शह पर ही हो रहा है। इसका ताजा उदाहरण गत दिनों परिषद आयुक्त व परिषद के एक लिपिक को एसीबी द्वारा रंगे हाथों पकड़ना है। शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व संसदीय सचिव व पूर्व विधायक रामकेश मीणा ने कही। उन्होंने कहा कि शहरवासियों का परिषद कार्मिकों द्वारा शोषण किया जा रहा है जबकि कई बार कांग्रेसियों ने ज्ञापन व आंदोलन के जरिए पूर्व में चेताया था लेकिन प्रशासन ने उनकी बात को हल्के में लिया।

कुशाललेक के सौंदर्यकरण के नाम पर 3.5 करोड़ रुपए की बंदरबाट हुई और इसकी अच्छे से अच्छे इंजीनियर से भी जांच कराएं तो 50 लाख रुपए से अधिक काम नहीं हुआ। उन्होंने इसमें विधायक व सभापति के लिप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक के संरक्षण के चलते ही भ्रष्टाचार बढ़ा है और दोनों की ही जांच व बयान लेने के साथ साथ संपति की जांच होने चाहिए, कांग्रेसी इस तरह की लूट-खसौट को बर्दाश्त नहीं करेंगे और इस मामले में आंदोलन करेंगे। उन्होंने परिषद में पट्टा वितरण में भी भ्रष्टाचार व सरकारी जमीनों की बंदरबाट का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान विधायक व सभापति के कार्यकाल में हुए एक-एक कार्यों की जांच होनी चाहिए।

शहर में सभापति व आयुक्त द्वारा सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे करवाए गए है, यहां तक की मंदिर माफी की जमीनों तक को नहीं छोड़ा गया। परिषद में सफाई कर्मियों को उचित वेतन नहीं मिलने से उनका शोषण हो रहा है वहीं विज्ञापन के टेंडरों में भी भ्रष्टाचार की सभी हदें पार कर दी। ऐसे में इन सभी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

पूर्व संसदीय सचिव ने कहा कि पुरानी नप में दुकानों को तोड़ने व नए निर्माण जो काम हो रहा है उसमें भी भ्रष्टाचार हो रहा है और दुकान आवंटन में रिश्वत ली जा रही है, इसे रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरानी नप की जगह को अंबेडकर भवन के लिए आवंटित किया जाना चाहिए।

पूर्व संसदीय सचिव ने चंबल परियोजना और सीवरेज प्रोजेक्ट की धीमी गति पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि दोनों काम शीघ्र होने चाहिए ताकि लोगों को इनका लाभ मिल सके। वार्ता में मौजूद शहर कांग्रेस अध्यक्ष हरगोविंद कटारिया और ग्रामीण अध्यक्ष मुकेश देहात ने कहा कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसका वे पूरी तरह निर्वहन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है। पार्टी को मजबूत करने के साथ साथ कार्यकर्ताओं के साथ वे जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करेंगे।

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