नहीं दिखा चांद, पहला रमजान शुक्रवार से
रमजान का महीना शुक्रवार से शुरु होगा। जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना खलीक अहमद कासमी ने बताया कि बुधवार की शाम को रमजान का चांद नजर नहीं आया है। अब पहला रोजा शुक्रवार से शुरु होगा। उन्होंने बताया कि रमजान का महीना रहमत और बरकत का माना जाता है। इस महीने में अल्लाह ने पवित्र कुरान नाजिल किया था। उन्होंने कहा कि यदि इंसान ईमानदारी से रोजे रखे तो अल्लाह उसके पिछले गुनाहों को माफ कर देता है और इंसान को बुराइयों से बचाता है।
कासमी ने कहा कि एक रोजा भी बगैर किसी कारण छोड़ दे तो वह पूरी जिंदगी रोजा रख कर भी उस एक रोजा का सबाब नहीं पा सकता है। इफ्तार रोजे पूरे होने का वक्त तब होता है, जब सूरज डूबता है। सूर्याेदय से रोजा रखने के बाद शाम को सूर्यास्त होने के बाद ही इसे खोला जा सकता है।