फड़ मजदूरों में हुए दो फाड़, कुछ काम पर लौटे तो कुछ अब भी कर रहे इंतजार
भास्कर संवाददाता | गंजबासौदा
कृषि उपज मंडी में फड़ मजदूरों के दो फाड़ हो गए हैं। कुछ काम बंदी के दो दिन बाद ही फड़ों पर वापस आ गए तो कुछ फड़ मजदूर अब तक नहीं लौटे हैं। मंडी में अब फड़ मजदूरों की हड़ताल से एक दो दिन की समस्या के बाद कामकाज में सुधार होने लगा है। मंडी प्रबंधन अपने फैसले पर अडिग है। किसानों से पानी और फड़ झाड़ने के नाम पर कोई नियम विरुद्ध दाना नहीं लेगा। सूत्रों के मुताबिक व्यापारियों और फड़ मजदूरों के बीच सुलह की खबर है। व्यापारी उनको काम के हिसाब से मजदूरी देंगे। कितनी देंगे? क्या समझौता है? इसको लेकर दोनों पक्ष चुप्पी साधे हुए हैं। हड़ताल के दौरान जिस श्रमिक विकास संगठन ने आंदोलन की अगुवाई की थी। उसके प्रमुख अरविंद राणा एडवोकेट ने बताया कि मजदूरी को लेकर व्यापारियों व मजदूरों के बीच समझौता हुआ है।
कई मजदूर फर्मों पर चले गए: मंडी में व्यापारियों की कई फर्में ऐसी है जो प्रतिदिन हजारों क्विंटल अनाज खरीदती हैं। कई फर्में सीजनेबल और समय अनुसार काम करती हैं। जो फर्में नियमित कार्य करती है उनमें से कई व्यापारियों और मजदूरों के बीच मजदूरी को लेकर समझौता हुआ है। वहां मजदूर काम पर आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रति क्विटंल के मान से पारिश्रमिक राशि देने की बात तय हुई है। लेकिन जहां समझौता नहीं हुआ है वहां पर अभी मजदूर काम पर नहीं आए हैं। वे विवाद के बाद से ज्यादा कारोबार ही नहीं कर रहे हैं।