गंजबासौदा| विश्राम गृह के समीप खुले चेंबर में मासूम बच्चे कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। नपा नल जल योजना के चेंबर को बंद नहीं किया गया। स्थानीय नागरिकों द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से पत्थर रखे हैं। हादसे से अनजान मासूम बच्चे पत्थरों को खिसका कर व उसके ऊपर चढ़कर मस्ती करते रहते हैं। हादसे का डर तब और बढ़ जाता है जब पाइप लाइन में लीकेज होने से चेंबर पानी से भर जाता है। बच्चे पानी भरने व उसमें अठखेलियां करने के लिए चेंबर में झांकने लगते हैं। नागरिकों का कहना है कि चेंबर की गहराई 4 से 5 फीट के करीब है। यदि कोई बच्चा गलती से उसमें जा गिरा तो बड़ा हादसा हो सकता है। नगर में दर्जनों स्थानों पर चेंबर खुले हुए पड़े हैं। उन्हें बंद करने के कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। परेशानी से बचने के लिए नागरिकों द्वारा ही पत्थर रख दिए जाते हैं । नागरिकों की मांग है कि चेंबर को बंद कराए जाने के लिए जालियां व सीमेंट क्रांक्रीट से बने पत्थर स्थाई रूप से रखे जाएं ।