भास्कर संवाददाता | गंजबासौदा
शहर से सटे लाल पठार क्षेत्र में पेयजल की समस्या को लेकर नागरिक बेहद परेशान हैं। पानी की किल्लत के चलते बस्ती में जेट पंप और ट्यूबवेल सूख चुके हैं। जो इक्का दुक्का हैंड पंप चल रहे है वहां कतारें लगी हुई हैं।
दर असल बस्ती के हैंडपंपों में जलस्तर कम हो गया है। इसके कारण पानी की समस्या आ रही है। इस बस्ती में नल जल योजना है। ट्यूबवेल आधारित योजना के लिए पीएचई द्वारा जितने भी ट्यूबवेल खनन कराए हैं किसी में भी पर्याप्त जल नहीं है। इसलिए योजना बंद पड़ी हैं। बस्ती में बनी पेयजल टंकी बेकार पड़ी है। इसलिए पूरी बस्ती हैंडपंपों पर आधारित है। इन दिनों पेयजल किल्लत के चलते निजी नलकूपों पर लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस साल दिसंबर के बाद पेयजल संकट गहराने लगा था। बारिश कम होने से बड़ी समस्या है। दूर- दूर से पानी ढोकर लाना मजबूरी बना हुआ है। पीएचई के सब इंजीनियर एमके शिल्पकार का कहना है पेयजल योजना को शुरू करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक जितने भी ट्यूबवेल खनन कराए गए हैं उनमें इतना पानी नहीं मिल रहा है कि मोटर पंप चल सके।