भास्कर संवाददाता | गढ़दीवाला
पुरानी पेंशन बहाल संघर्ष कमेटी पंजाब द्वारा 2004 के बाद सरकारी अदारों में सरकारी नौकरी में आने वाले हजारों कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करवाने की मांग पूरी करवाने के लिए पिछले लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है।
इस लड़ी के तहत संघर्ष कमेटी द्वारा जिला जालंधर में शाहकोट हलके में लोकसभा चुनाव के दौरान मौजूदा कांग्रेस सरकार को चुनाव दौरान पंजाब के लाखों मुलाजिमों के साथ किए वायदे याद करवाने के लिए 20 मई को राज्य स्तरीय रोष प्रदर्शन किया जा रहा है। शाहकोट के रोष धरने को सफल बनाने के लिए गढ़दीवाला इकाई की अहम मीटिंग सर्कल प्रधान संजीव धूत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस मीटिंग में पुरानी पेंशन बहाल संघर्ष कमेटी जिला जनरल सचिव तिलक राज तथा मास्टर केडर यूनियन के जिला प्रधान सुखदेव काजल विशेष तौर पर उपस्थित हुए। इस मौके विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि पंजाब में 2004 के बाद सरकारी विभागों में आए कर्मचारियों को दी जा रही पेंशन स्कीम बंद करने से 1 लाख 48 हजार कर्मचारियों की पुरानी पेंशन व अन्य वित्तीय लाभ खत्म होने के साथ सामाजिक सुरक्षा बिल्कुल खत्म है। उन्होंने बताया कि नई पेंशन स्कीम तहत कर्मचारियों सेवा मुक्ति के बाद ग्रेच्युटी, एक्सग्रेशिया तथा मेडिकल सहूलियत नहीं मिलती।
कर्मचारियों को अपनी सेवा काल दौरान जमा करवाई पूंजी में से पैसे निकालने की सहूलियत नहीं तथा न ही दी जाने वाली पेंशन की राशि निश्चित की गई है। नेताओं ने सरकार की मुलाजिम मारू नीतियों के खिलाफ मुलायम संगठनों को संयुक्त तौर पर शुरू किया संघर्ष को और मजबूत करने के लिए पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति द्वारा चलाए जा रहे संघर्ष में योगदान डालने की अपील की। इस मौके जगदीप सिंह, जसवीर बोदल, संजीव कोई, सरताज सिंह अरगोवाल, मनजिंदर सिंह, बहादर सिंह, अनिल, जगविंदर सिंह, गुरकृपाल सिंह, चरणजीत सिंह, सुरिंदर सिंह, नवतेज सिंह, रशपाल सिंह, सुरिंदर सिंह मौजूद थे।
शाहकोट में राज्य स्तरीय रोष प्रदर्शन की तैयारियों संबंधी बैठक के दौरान नेता संजीव धूत, संजीव कुमार व अन्य। -भास्कर
एक साल होने पर भी सरकार ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि 2017 की विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी ने सरकार बनने पर राज्य के डेढ़ लाख कर्मचारियों को बुढ़ापे के साथ जुड़ी पेंशन स्कीम को लागू करने का वायदा किया था। परंतु सरकार का कार्यकाल एक वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार के किसी भी मंत्री या अफसर ने इस मामले के हल के लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। नेताओं ने कहा कि पंजाब के कर्मचारियों व रोजगार हासिल करने के चाहवान लाखों डिग्रियां प्राप्त बेरोजगार नौजवान का सरकार से मोह पूरी तरह से भंग हो चुका है। नेताओं ने कहा कि प्रदेश के 2004 के बाद सरकारी विभागों मे आए हजारों मुलाजिम 20 मई को शाहकोट में राज्य स्तरीय रोष प्रदर्शन में सरकार की वायदा खिलाफी की पोल खोलेंगे।