गढ़वा शहर के सुखबाना में गुरुवार की सुबह 6.30 बजे अज्ञात अपराधियों ने चिंटू चंद्रवंशी को गोलियों से भून हत्या कर दी। चिंटू के शरीर में तीन गोली लगी है। हमलावरों ने उसके सीना, पेट और सिर में गोली मारी। जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। हमलावर दो मोटरसाइकिल पर पांच की संख्या में सवार होकर आए थे। हत्या करने के बाद सभी मोटरसाइकिल से ही गुरदी गांव की ओर भाग गए।
पुलिस के अनुसार चिंटू चंद्रवंशी का भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह अपराधी सरगना श्यामराज शर्मा के लिए काम करता था। चार माह पहले ही वह गढ़वा जेल से बाहर निकला था। उसके विरुद्ध गढ़वा थाने में विभिन्न अपराधों के 12 मामले दर्ज हैं। इन मामलों में वह जेल भी जा चुका था। पुलिस ने चिंटू का शव सुखबाना निवासी संजय राम के घर के छत से बरामद किया। अभी हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। लेकिन हत्या के पीछे गैंगवार होना बताया जा रहा है। घटना के संबंध में संजय राम की पत्नी ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 6.30 बजे चिंटू दौड़ते हुए उसके घर में घुसा और छत पर चला गया। उसके पीछे 4-5 लोग दौड़ते हुए आए तथा छत पर जाकर उसको गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं इस संबंध में गढ़वा एसडीपीओ समीर तिर्की ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
मारे गए चिंटू पर दर्ज है 12 आपराधिक मामले
घटना के बाद जांच करती पुलिस।
पुलिस से भागता फिर रहा था चिंटू
मृतक चिंटू की मां शोभा देवी ने कहा कि पिछले कई माह से उनका बेटा पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए भागता फिर रहा था। वह वैसे तो मेदिनीनगर में रहता था। लेकिन बुलाने पर वह गढ़वा आता था। 11 मई को वह अपनी मौसी की बेटी की शादी में आया था। तब से इधर-उधर छुप कर रह रहा था। उसने कहा कि कई लोग इसके जान के दुश्मन बन गए थे।
रोते बिलखते मृतक के परिजन।
महिला का बयान संदेहास्पद
इस मामले में संजय राम की प|ी सुजानकी देवी का बयान संदेहास्पद लग रहा है। पुलिस भी बयान को संदेहास्पद मानकर महिला के परिजनों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस ने जिस स्थिति में छत से चिंटू का शव बरामद किया है। वह संजय की पत्नी की बातों को पूरी तरह से संदेह के घेरे में ला देता है। क्योंकि चिंटू का शव छत पर एक बिछावन पर पेट के बल पड़ा हुआ था। साथ ही शव के पास ही चप्पल भी पड़ी हुई थी जो चिंटू की बताई जा रही है। अभी तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।