सदर अस्पताल परिसर स्थित सीएस कार्यालय के सभागार में शनिवार को कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई। सिविल सर्जन डाॅ. टी हेम्ब्रम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आगामी 26 जून से लॉन्च किए जा रहे मिजिल्स रुबेला वैक्सीन की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अलावा शिक्षा विभाग व निजी स्कूल के संचालकों ने भाग लिया।
सिविल सर्जन ने कहा कि मिजिल्स रुबेला वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। इसे नौ माह से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों को दिया जाना है। उन्होंने कहा कि जिले में लगभग चार लाख बच्चों को वैक्सीन देने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 80 प्रतिशत बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। इसे लेकर ही प्रखंड स्तर पर एमआर वैक्सीन को लेकर दिए जा रहे प्रशिक्षण में विद्यालय के प्रधानाध्यापक व एक शिक्षक को शामिल किया जा रहा है ताकि अभिभावकों को समझाकर वे लोग बच्चों को वैक्सीन देने के लिए तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तर पर चलाए जा रहे प्रशिक्षण व इससे संबंधित सभी सूचनाओं को लेकर सप्ताह में एक दिन कोर कमेटी की बैठक की जाएगी।
बैठक में एसीएमओ डाॅ. कन्हैया सिंह, आरसीएच पदाधिकारी डाॅ. एनके रजक, यूनिसेफ के क्षेत्रीय समन्वयक मनीष प्रियदर्शी, यूएनडीपी के पलामू प्रमंडल प्रोजेक्ट ऑफिसर शरद पांडेय, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डाॅ. जेपी सिंह, आईएमए के गढ़वा जिला अध्यक्ष डाॅ. आरएनएस दिवाकर उपस्थित थे।
चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ बैठक करते सीएस।
निर्धारित नियम का अनुपालन नहीं करने वाले नर्सिंग होम के संचालकों पर होगी कार्रवाई
सिविल सर्जन ने मेराल के दो निजी नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया
मेराल | सिविल सर्जन टी. हेम्ब्रम ने शनिवार को मेराल प्रखंड के दो निजी नर्सिंग होम का क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में सिविल सर्जन ने सबसे पहले संगबरिया के ज्योति नर्सिंग होम एवं स्वर्गीय नथुनी साह मेमोरियल अस्पताल की जांच की। इसके बाद उन्होंने बताया कि अस्पताल में कई कमी पाई गई है। अस्पताल का डिस्प्ले बोर्ड पर चिकित्सक का नाम एवं पता तथा उनका रोस्टर नहीं लगा हुआ है।
साथ ही बोर्ड पर निर्धारित शुल्क भी नहीं दर्शाया गया है। सिविल सर्जन ने कहा कि जो भी निजी अस्पताल संचालक निर्धारित नियम का अनुपालन नहीं कर रहे हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए जो मानक बनाया गया है उसका सही अनुपालन भी अस्पताल प्रबंधन द्वारा नहीं किया जा रहा है। क्लीनिक में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पंजीकरण सर्टिफिकेट प्रदर्शित नहीं किया गया है। सिविल सर्जन ने कहा कि नियमानुसार यह सभी कागजात अस्पताल परिसर में लगाया जाना आवश्यक है। निजी अस्पताल संचालकों को नोटिस भेजकर तथा समाचार पत्र के माध्यम से भी अनुपालन करने का निर्देश दिया गया था। प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर दीपक सिन्हा ने कहा कि समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा ताकि मनमाने तरीके से निजी अस्पताल का संचालन न हो। मौके पर डॉक्टर राकेश रंजन गुप्ता, लिपिक संजय कुमार, प्रधान सहायक हुमायूं कबीर, अर्चना कुमारी उपस्थित थीं।