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ग्रामीण काम छोड़ राजस्व दफ्तर आते हैं, खसरा, नक्शा बनाया जाए

3 वर्ष पहले
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गरियाबंद| कलेक्टर श्याम धावड़े ने जिला पंचायत में राजस्व प्रकरणों के निराकरण एवं विकास कार्यों की समीक्षा के लिए राजस्व अधिकारियों, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि बी-1, खसरा, नक्शा और जमीन संबंधी प्रकरणों के लिए ग्रामीण अपना काम छोड़कर राजस्व विभाग कार्यालय आते हैं। आपकी तरह उनके लिए भी समय महत्वपूर्ण है, इसलिए संवेदनशीलता के साथ ग्रामीणों के आवेदनों और समस्याओं का निराकरण करें।

कलेक्टर ने कहा कि अविवादित नामांतरण और बटवारा के प्रकरणों को बिल्कुल लंबित न रखे। खाता विभाजन नहीं होने पर गरीब परिवारों को शासन की कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा सालों से निवासरत ऐसे वनवासी, जिन्हें वन अधिकार मान्यता पत्र नहीं मिल पाया है, उनका परीक्षण कर वन अधिकार मान्यता पत्र का वितरण सुनिश्चित करें। वन अधिकार मान्यता पत्र वितरण में कमार, भुंजिया को पहली प्राथमिकता दें।

कलेक्टर ने कहा कि जिले में अवैध प्लाटिंग या अवैध कालोनी नहीं होना चाहिए। ऐसे प्रकरणों पर कार्यवाही करें। प्लाटिंग के लिए कालोनाइर लाइसेंस का प्रावधान है। पर्याप्त मापदंड के आधार पर नए पटवारियों के स्थायीकरण और ग्राम पंचायतों में रिक्त पटेल के पदों को भरने के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर कलेक्टर केके बेहार, संयुक्त कलेक्टर अमृत लाल ध्रुव आदि उपस्थित थे।

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