महिलाओं ने बर्तन रख किया प्रदर्शन, एसडीएम ने ट्यूबवेल किया स्वीकृत
पानी की समस्या को लेकर गांव से कॉलाेनी तक के रहवासी परेशान होकर सड़क पर उतर रहे हैं। रूपरा की महिलाओं ने तो भानपुरा रोड पर जाम लगाने का प्रयास किया। समय पर पुलिस के पहुंचने के कारण गांव जाने वाले चौराहे पर ही सड़क पर बैठ गईं और अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई। दूसरी तरफ शामगढ़ में रेलवे कॉलोनी में पानी की समस्या को लेकर महिलाओं ने आईओडब्ल्यू के कार्यालय का घेराव किया।
मंगलवार को ग्राम पंचायत पिपलिया मिठ्ठेशाह के अंतर्गत आने वाले ग्राम रूपरा में 1 महीने से पानी के लिए परेशान महिलाओं के सब्र टूट गया। गांव के एक ट्यूबवेल को छोड़कर सभी में पानी नहीं है। उससे गांव के सरकारी कुएं में पानी भरकर ग्रामीणों को पानी भरने दिया जाता है। कुछ लोग कुएं में पानी की मोटर लगाकर उससे पानी खींच रहे थे। ऐसे में ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा था। महिलाओं को 1 से डेढ़ किमी दूर से पानी लाना पड़ रहा था। समस्या से परेशान ग्राम की रेशमबाई राजपूत, मगरबाई, गीताबाई, राधाबाई, रामीबाई सहित 100 से ज्यादा महिलाएं अौर पुरुषों ने गांव से बाहर रूपरा चौराहा भानपुरा रोड पर चक्काजाम करने का प्रयास किया। खबर लगते ही गरोठ टीआई केएस मंडलोई बल के साथ मौके पर पहुंचे और महिलाओं काे समझाइश देकर रोड से हटाया। महिलाएं गांव की तरफ जाने वाले रास्ते में यात्री प्रतीक्षालय के पास बर्तन लेकर बैठ गईं। एसडीएम आरपी वर्मा के निर्देश पर पीएचई के एसडीओ केके भंडारी, जनपद पंचायत गरोठ के एई सतीश पाठक मौके पर पहुंचे आैर महिलाओं की समस्या सुनी। रेशमबाई ने कि हमें घर तक नल लगाकर पानी दिया जाए। टैंकर से पानी नहीं चाहिए। करीब दो घंटे तक महिलाएं अपनी बात पर अड़ी रहीं। एसडीएम ने फोन पर ही ग्राम के सरकारी कुएं पर लगी निजी पानी की माेटरें जब्त करने, गांव में टैंकर से पानी पहुंचाने के साथ पेयजल के लिए नए नलकूप खनन के निर्देश दिए।
रेलवे कॉलोनी के लोग 15 दिन से थे परेशान, पानी नहीं आया तो किया हंगामा
रेलवे कॉलोनी शामगढ़ के रहवासी 15 दिन से पानी के लिए परेशान हैं। हालात यह है कि 30 मिनट की जगह 15 से 18 मिनट ही पानी आ रहा है, वह भी कम प्रेशर से। मंगलवार को पानी सप्लाई हुआ ही नहीं तो महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया। महिलाएं एकत्र होकर शामगढ़ रेलवे के वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर(आईओडब्ल्यू) के कार्यालय पहुंची और हंगामा किया। इस पर कार्यालय के मुख्य गेट को बंद करना पड़ा। हंगामा बढ़ता देख अधिकारियों द्वारा आरपीएफ व जीआरपी को सूचना देकर बुलाया। इसी बीच वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के पदाधिकारी भी पहुंच गए। वह भी महिलाओं के समर्थन में आ गए। चर्चा के दाैरान अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को वालमैन बलरामसिंह ने लाइन का वाल्व गलत घुमा दिया। इससे लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंचा और वापस टैंक में चला गया। वाल्वमैन का कहना था, उसे फंसाया जा रहा। महिलाओं को टैंकर से पानी करने सप्लाई करने का आश्वासन दिया तब मामला शांत हुआ।
रूपरा चौराहा पर बर्तन रखकर अधिकारियों को समस्या बतातीं महिलाएं।
वाल्वमैन की गलती से हुआ- इस बीच कोटा रेलवे महाप्रंबधक को ट्विटर पर शिकायत होने पर उन्होंने मामले को संज्ञान में लेकर जांच के लिए निर्देश दिए। में वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर(आईओडब्ल्यू) राजेश यादव ने बताया वाल्वमैन की गलती के कारण पानी घरों तक नहीं पहुंच पाया। उसे जीआरपी के हवाले किया है।