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जर्जर हो रहे काॅम्प्लेक्स, एक महीने में दो जगह गिरा मलबा, हो सकता गंभीर हादसा

3 वर्ष पहले
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नया बस स्टैंड क्षेत्र में नगर परिषद ने अलग-अलग ब्लॉक में 7 काॅम्प्लेक्स बना रखे हैं। इनमें पुराने राजीव गांधी शॉपिंग काॅम्प्लेक्स के तीनों ब्लॉक 21 साल से ज्यादा पुराने होकर जगह-जगह से जर्जर हो रहे हैं। दुकानदार मरम्मत और मेंटेनेंस के लिए शिकायत करते रहे हैं किंतु कोई ध्यान नहीं दे रहा। हालात यह हैं कि आए दिन कभी छत से तो कभी दीवारों से प्लास्टर गिरता रहता है। व्यवसायियों का कहना है हम जान जोखिम में डालकर व्यवसाय कर रहे हैं। हमारे साथ ग्राहक की जान को भी खतरा रहता है। इसके बाद भी नगर परिषद ध्यान नहीं दे रही।

नप ने 1997 में बस स्टैंड क्षेत्र में भानपुरा रोड पर तीन ब्लॉक में राजीव गांधी शाॅपिंग काॅम्प्लेक्स बनाया था। इसमें भानपुरा रोड अौर बस स्टैंड के अंदर की तरफ करीब 100 दुकानों का निर्माण किया। यह दुकानें लीज व किराया पर दी गईं। उसके बाद आज तक देखरेख और मेंटेनेंस पर ध्यान नहीं दिया। दुकानदारों द्वारा अपने स्तर पर ही मेंटेनेंस किया जाता रहा है। छत, गैलरी सहित कुछ अन्य हिस्सों पर किसी का ध्यान नहीं रहता है। धूप, बारिश के कारण काॅम्प्लेक्स की दीवारें, छत, गैलरी आदि जर्जर हो चुकी हैं। राजीव गांधी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के ब्लॉक-सी का छज्जा 2 साल पहले गिर गया था। तब भी दुकानदार व ग्राहक कुछ दूरी पर ही खड़े थे, जिससे गंभीर हादसा नहीं हुआ। गिरे छज्जे को आज तक नगर परिषद ने ठीक ही नहीं किया है। दुकानदारों का कहना है कि सालों से नगर परिषद के जिम्मेदारों को आवेदन देने के साथ शिकायत करते आए हैं। फिर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

हादसों का सफर, हर महीने गिरता है प्लास्टर

बस स्टैंड स्थित राजीव गांधी काॅम्प्लेक्स के गलियारों में इस प्रकार जर्जर हो रही छतें।

बस स्टैंड स्थित राजीव गांधी काॅम्प्लेक्स की जर्जर गैलरी।

मेंटेनेंस नगर परिषद को कराना चाहिए, उनकी लापरवाही से दिक्कत

हमने महंगी दुकानें खरीदी और प्रतिमाह किराया भी दे रहे हैं। ऐसे में मेंटेनेेंस का कार्य नगर परिषद को करना चाहिए। लेकिन किराया वसूलने के बाद भी देखरेख के अभाव में पूरा काॅम्प्लेक्स जर्जर हो चुका है। 2 साल पूर्व भी छज्जा गिरा था जो अब तक ठीक नहीं हुआ है। दीवारों व छतों से प्लास्टर टपक रहा है, बरसात के दिनों में छतों पर दरारें होने से पानी भी टपकता है। जिससे सभी व्यवसायी निजी तौर पर ठीक करवाते हैं। -डॉ.नारायणसिंह चौहान, अध्यक्ष मोटर मालिक संघ गरोठ

काॅम्प्लेक्स के कुछ हिस्से ज्यादा जर्जर हैं। व्यवसायी और क्षेत्र में गुमटी व हाथ ठेलों पर व्यवसाय करने वाले बताते हैं कि ऐसा कोई महीना न जाता है जब किसी हिस्से से प्लास्टर नहीं गिरता हो। भानपुरा रोड से लगा होने के कारण 24 घंटे भारी वाहन निकलते हैं। जिनकी धमक से कई बार काॅम्प्लेक्स में कम्पन भी होता है। ऐसे में जर्जर हो चुका प्लास्टर गिर जाता है। दिसंबर 2017, मार्च 2018 में काॅम्प्लेक्स के अगले हिस्से के बरामदे की छत का प्लास्टर गिरा था। उसके बाद 9 मई को काॅम्प्लेक्स के बस स्टैंड साइट में किराना व्यवसायी और दवाखाना के बीच में बरामदे की छत रात में भरभरा कर गिर गई। व्यवसायी मनीष मोदी बताते हैं, सुबह नगर परिषद में शिकायत की लेकिन आज तक कोई कर्मचारी मलबा उठाने तक नहीं आया। सोमवार को तो गैलरी ही भरभरा कर गिर गई। गलियारे के पास दुकान लगाने वाले मनोज रठोदिया, पप्पू सेन ने बताया गैलरी व छत की जर्जर होने के कारण यह हादसा हुआ। नगर परिषद को पता होने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। कल ताे हम बच गए, नहीं तो कुछ भी हो सकता था। किराना व्यापारी बालकृष्ण मोदी ने बताया व्यवसायी जीर्ण-शीर्ण काॅम्प्लेक्स में जान जोखिम में डालकर व्यवसाय कर रहे हैं। कई बार छतो व दीवारों से सीमेंट का प्लास्टर उखड़कर गिर चुका है। जिसे हमने निजी स्तर पर ठीक करवाया है।

जल्द सुधार कराएंगे

काॅम्प्लेक्स की स्थिति को देखने के लिए उपयंत्री से कह दिया है। जहां भी सुधार की आवश्यकता होगी। करवाएंगे। जल्द ही कार्य शुरू होगा। बनेसिंह सोलंकी, सीएमओ नगर परिषद गरोठ

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