जनआंदोलन को तमाशबीन बन देखने से गरोठ जिला बनने वाला नहीं है -अग्रवाल
गरोठ को जिला बनाने के लिए क्षेत्रवासी सड़क पर उतरे। रविवार को नगर के शहीद चौक पुराना बस स्टैंड पर गरोठ को जिला बनाओ अभियान समिति के बैनर तले नुक्कड़ सभा हुई। गणमान्यजनों ने विचार रखे। फिर शांति मार्च निकाला, जो नगर में डेढ़ किमी लंबा रास्ता तय कर शहीद चौक पहुंचा। वहां संकल्प लिया कि आंदोलन गरोठ के जिला बनने तक शांतिपूर्ण तरीके से निरंतर जारी रहेगा।
नुक्कड़ सभा का संचालन कर रहे सुनील मिश्रा ने कहा आंदोलन भाजपा व कांग्रेस के भरोसे प्रारंभ नहीं किया है। यह जनता के हक और स्वाभिमान की लड़ाई का आंदोलन है। जब जनता आंदोलन की राह पर चलती है तो वह कामयाब हाेकर रहती हैं। जिला बनाने की मांग सरकार ने नहीं माना तो आंदोलन को चरणबद्ध रूप से जारी रखेंगे। समिति के जगदीश अग्रवाल ने कहा गरोठ को जिला बनाना है तो क्षेत्र की समस्त जनता को आंदोलन से जुड़ना होगा। समिति के आंदोलन को तमाशबीन बनकर देखने से जिला बनने वाला नहीं है।
गरोठ को जिला बनाने की मांग को लेकर शहीद चौक पर नुक्कड़ सभा के बाद नारेबाजी करते समिति सदस्य व आमजन।
जनप्रतिनिधियों व सरकार को समिति एवं जनता की मांग को गंभीरता से लेना चाहिए
अपनी ताकत को पहचाने और आंदोलन से जुड़े, जनता की ताकत और एक जुटता से असंभव भी संभव हो जाता हैं। समिति के मनोज पाटीदार ने कहा जिला बनने से क्षेत्र का विकास होगा तथा हमें जिले के कामों हेतु मंदसौर नहीं जाना पड़ेगा। समिति के कुलदीप छाजेड़ ने कहां सरकार गरोठ को जिला बनाने का अपना वादा पुरा नहीं कर रही है, इस कारण जनता में आक्रोश है। जनप्रतिनिधियों व सरकार को समिति एवं जनता की मांग को गंभीरता से लेना चाहिए। नुक्कड़ सभा पश्चात शांतिमार्च निकाला। समिति सदस्य व आमजन हाथों में गरोठ को जिला बनाने संबंधी मांग लिखी तख्तियां लिए और नारे लगाते चल रहे थे। बलराम व्यास, संजय सेठिया, रविंद्र पाटीदार, सुभाष मनोरा, जीतू दीवान, राहुल भाटी, प्रशांत यादव, राकेश पाटीदार, नीतेश पंजाबी, कमल उदिया, राहुल डपकरा सहित आमजन शामिल थे।