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मिलीभगत से व्यापारियों ने किसानों को आगे कर नीलाम कर दिया साढ़े 3 हजार बोरी लहसुन

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | गरोठ/शामगढ़

कृषि उपज मंडी शामगढ़ में किसानों के नाम पर तथाकथित व्यापारियों ने लहसुन भावांतर के तहत नीलाम कर माेटा फायदा कमाया। यह खेल मंडीकर्मियों अौर व्यापारियों की मिलीभगत से शुरू हुआ। 7 दिन से तो लूट मचना शुरू हो गई। शुक्रवार रात को तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल ने सख्ती दिखाई और रात में लगे ढेर की नीलामी नहीं करने के निर्देश दिए थे। जब दोपहर तक माल नीलाम नहीं हुआ तो व्यापारियों ने किसानों को आगे कर हंगामा खड़ाकर शिकायतें करना शुरू की। आखिरकार एसडीएम को किसानों का माल नीलाम करने की अनुमति देना पड़ी। शाम तक तुलाई चलती रही।

कृषि उपज मंडी शामगढ़ में तथाकथित व्यापारियों व मंडीकर्मियों की मिलीभगत से किसान की जगह व्यापारी का माल भावांतर में बेचा जा रहा था। हालात यह हो गए थे कि व्यापारी मंडी में एक बार लहसुन नीलामी में खरीदने के बाद उसे गोदाम व दुकान पर नहीं ले जाकर प्रांगण में ही रख देते थे। कई बार तो एक जगह से उपज तुलवाते और दूसरी जगह ढेर लगाकर नीलाम करवा देते थे। नहीं तो रात में ढेर लगाते और सुबह किसान को खड़ाकर नीलामी करवा देते। एक ही माल को कई बार ढेर लगाकर नीलाम करवाते थे। इस मुद्दे पर भास्कर ने 17 मई को खबर प्रकाशित की थी। उसके बाद प्रशासन हरकत में आया और शुक्रवार शाम से अचानक ज्यादा सख्ती दिखाना शुरू कर दी। एसडीएम आरपी वर्मा के निर्देश के बाद तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल ने शुक्रवार रात करीब 8.30 बजे अचानक मंडी निरीक्षण किया। मौके पर चंद किसान मिले लेकिन 3 से 4 हजार बाेरी लहसुन का ढेर व भरे हुए कट्टे दिखे। तहसीलदार ने मंडी कर्मचारियों को उक्त ढेर नीलाम नहीं करने के निर्देश दिए। इसका असर शनिवार सुबह से देखने को मिला। मंडी गेट पर टोकन के साथ किसानों को इंट्री दी गई और उक्त लहसुन की नीलामी भी नहीं की गई। जब दोपहर तक लहसुन नहीं तुली तो कुछ किसानों ने एसडीएम वर्मा से चर्चाकर कहा यह उनकी लहुसन है। लंबी बहस के बाद एसडीएम ने मंडी में ढेर लगी लहसुन चैक कर नीलाम करवाने की अनुमति दी। इस प्रकार व्यापारी किसानों को आगे खड़ाकर अपने मंसूबों में कामयाब हो गए और करीब 3 हजार बोरी लहसुन नीलामी के बाद शाम तक तुलाई होती रही।

माल नहीं बिका तो व्यापारियों ने हंगामा कर शिकायत की

शुक्रवार रात लहसुन के जो ढेर तहसीलदार ने नीलामी के लिए रोके थे, उसकी शाम को नीलामी होते।

किसान की उपज नीलाम करवाई

शुक्रवार शाम को ही व्यापारियों को मंडी प्रांगण से उपज उठाने के निर्देश दे दिए थे। मंडी कर्मचारियों को चैककर नीलामी की अनुमति दी। यदि मामले में गड़बड़ी पाई जाती है तो मिलीभगत करने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही व्यापारी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। - आरपी वर्मा, एसडीएम गरोठ

सेामवार से सख्त व्यवस्था होगी

दो दिन से मंडी में नजर रखे हैं जो गड़बड़ी सामने अाई, उसे सुधारा। अब मंडी में प्रवेश के समय किसान को टोकन देने के साथ वाहन नंबर नोट किया जा रहा है। मंडी में अौर नीलाम के बाद जाने वाली उपज का रिकाॅर्ड रखने के निर्देश दिए हैं। प्रेमशंकर पटेल, तहसीलदार शामगढ़

व्यापारियों को दी सख्त हिदायत

शनिवार दोपहर में मंडी कार्यालय में मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष प्रवीण काला की अगुवाई में कुछ व्यापारी तहसीलदार पटेल से मिले। इस दौरान कुछ किसान भी उपस्थित थे। करीब एक घंटा चली बातचीत के दौरान तहसीलदार पटेल ने स्पष्ट कह दिया। सोमवार से उन्हें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी दिखी तो सीधे व्यापारी का लाइसेंस निरस्त करने के साथ उस पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।

सख्ती की तो नया तरीका निकाला

मंडी में सख्ती के बावजूद कुछ व्यापारी अपना माल बेचने पर आमादा थे। मंडी में नीलामी में खरीदने के बाद लोडिंग वाहन में भर कर मंडी से बाहर लाते और शहर में कुछ दूर घुमाकर किसान को बैठाकर मंडी में प्रवेश करने लगे। गेट पर टोकन व्यवस्था लागू होने और वाहनों के नंबर लिखने के कारण वाहन पकड़ में आए, तो कर्मचारियों ने उन्हें वहां से चलता कर दिया जबकि ऐसे लोडिंग वाहनों के खिलाफ कार्रवाई होना थी।

कुछ भी गलत नहीं कर रहे

व्यापारी तो माल नीलामी में खरीदता है आैर उसे बाहर आकर बेचता है। चाहे कोई भी खरीदे। अब यदि कोई किसान ही माल खरीदकर उसे मंडी में बेचने लेकर आए तो व्यापारी इसमें क्या करें। प्रशासन से बात हुई है सोमवार से व्यवस्था में सुधार में सहयोग करेंगे। प्रवीण काला, अध्यक्ष मंडी व्यापारी संघ शामगढ़

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