गारू में शहद उत्पादन के बारे में जानकारी देती महिला कृषक।
गारू | गारू प्रखंड के सखी मंडल से महिला आदिवासियों में मधुमक्खी पालन के प्रति जागरुकता पैदा करने के लिए कोटाम पंचायत में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रोमोशन सोसाइटी की ओर से रविवार को विश्व मधुमक्खी शहद दिवस का आयोजन किया गया। जेएसएलपीएस के गारू हनी सह वनोत्पाद समिति से जुड़े 300 आदिम जनजाति परिवारों के आजीविका के लिए मधुमक्खी पालन का कार्य किया जा रहा है। गारू के बीपीएम वरुण शर्मा ने बताया कि आयोजन का मूल उद्देश्य लोगों को शुद्ध शहद के प्रति जागरूक करना है। मधुमक्खी पालन को एक औद्योगिक व्यवसाय के रूप में बढ़ावा देना है। सखी मंडल से जुड़ी महिला किसानों को बताया गया कि फसलों में मधुमक्खी द्वारा परागण से फसलों का उत्पादन बढ़ता है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होती है। शहद न केवल औषधीय गुणों से भरपूर है, बल्कि यह पूर्ण भोजन भी है। शहद के अलावा इसके अन्य उत्पादों से दवाओं का निर्माण होता है और सौंदर्य प्रसाधन के निर्माण में औद्योगिक स्तर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। जेएसएलपीएस और राज्य समन्वयक संजय दास द्वारा महिला किसानों के साथ समय-समय पर समीक्षा बैठक की जा रही है। राज्य स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा प्रखंड सखी मंडल से जुड़ी महिला किसानों को मधुमक्खी पालन के जरिये उत्पादकता बढ़ाने और वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन के तरीके बताये जा रहे हैं। कार्यक्रम में संकुल समन्वयक बालमुकुंद गुप्ता, सूरजी देवी, बबीता देवी समेत सखी मंडल से जुड़ी कई महिलाएं मौजूद थी।