सदर थाना क्षेत्र के वृंदा पंचायत के नायक टोली गांव में रविवार को देर रात अपराधियों ने 58 वर्षीय शनिचरवा उरांव को लाठी से पीट पीट कर मार डाला। मृतक शनिचरवा पंचायत में जल छाजन समिति के सचिव भी थे। हत्या की सूचना के बाद सदर थाना की पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंच कर शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। साथ ही मामले की तहकीकात में जुट गई। हत्या को लेकर मृतक की प|ी ने थाना में लिखित आवेदन देकर वृंदा महुआ टोली निवासी पीएलएफआई के पूर्व एरिया कमांडर बसंत गोप व टैसेरा गांव के पूर्व उग्रवादी संदीप उरांव के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। घटना के बाद दोनों आरोपी अपने अपने गांव से फरार हैं। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिया है। घटना के संबंध में मृतक की बेटी सालो कुमारी ने कहा कि उसके पिता गांव में जलछाजन के तहत भूमि संरक्षण विभाग से तालाब, डोभा, चेकडैम व खेतों में मेढ़ बनाने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान 20 दिन पूर्व बसंत गोप कार्य स्थल पर धमक कर खूब रुपए कमाने की बात कहते हुए 50 हजार रुपए रंगदारी की मांग की थी। पिता द्वारा इस बात की जानकारी परिवार के लोगों को दी गई थी। लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया, और न ही पुलिस को सूचना दी गई। शनिवार को बसंत पुनः कार्य स्थल पर धमक कर जबरन जेसीबी मशीन को अपने खेत का मेढ़ बनवाने के लिए ले गया। साथ ही खेत का समतलीकरण भी करवाया।
रंगदारी के लिए जल छाजन समिति के सचिव को लाठी से पीट पीट कर मार डाला
मृतक की बेटी सालो कुमारी ने कहा- 20 दिन पूर्व बसंत गोप ने 50 हजार रंगदारी मांगी थी, घटना के एक दिन पहले दी थी धमकी
घटनास्थल पर जुटे ग्रामीण।
सुबह में शनिचरवा की हत्या की जानकारी मिली
जल छाजन समिति के अध्यक्ष रंथा उरांव ने कहा कि भूमि संरक्षण विभाग से पंचायत में सात तालाब, 6 डोभा, 11 चेकडैम समेत करीब 100 एकड़ से अधिक भूमि पर मेढ़ व समतलीकरण का कार्य हो रहा है। बसंत के साथ हुए विवाद की जानकारी उन्हें नहीं थी। सोमवार की सुबह में उन्हें बसंत व संदीप द्वारा शनिचरवा की हत्या कर दिए जाने की जानकारी हुई।
मां- बेटी पहुंची तो देखा मृत पड़ा है शनिचरवा
मृतका की प|ी रूपन उरांव व बेटी अहले सुबह 5 बजे पिता के पास पहुंची तो उन्हें मृत पाया। फिर दोनों शव से लिपट कर रोने बिलखने लगे। सोमवार को सूर्योदय होने के बाद गांव के ग्रामीण भी अपने चौखट से बाहर निकल कर शव को देखने के लिए जुट गए। फिर घटना की सूचना मुखिया सुनील कुल्लू को दिया।सुनील ने इसकी सूचना पुलिस को दी।ज्ञात हो कि हत्या में शामिल बसंत गोप व संदीप उरांव कई जघन्य कांडों में शामिल रहा है। दोनों के विरुद्ध जिले के विभिन्न थाना में कांड अंकित है। हालांकि दोनों हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आए हैं। परिजनों से दोनों को जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने की मांग की है।
सूचना के बाद खेत में जाकर छिप गया था शनिचरवा, लौटकर पुराने घर में छिपते ही उग्रवादियों ने पकड़ लिया
बेटी ने बताया कि रविवार की रात करीब 7:30 बजे बसंत अपने साथी संदीप के साथ लाठी डंडा से लैस होकर घर पहुंच कर पिता को ढूंढने लगा। पिता के घर पर नहीं होने की बात कहने पर दोनों ने घर के अंदर घुस कर तलाशी ली। इसके बाद वापस लौट गया। दस मिनट के अंतराल पर दोनों फिर से घर पहुंचकर पिता को ढूंढने लगे। उनके नहीं मिलने पर उसे(बेटी को) साथ चलने को कहा। तभी बेटी घर से बाहर निकल कर छिप गई। फिर रात करीब 8:30 बजे पिता को फोन कर बसंत व संदीप द्वारा उन्हें खोजने की जानकारी दी। साथ ही उन्हें भी कहीं छिप जाने को कहा। इसके बाद पिता घर से करीब 300 मीटर दूर अपने खेत में जा छिपे। इधर बसंत व संदीप उनके लौटने के इंतजार में गांव में ही घूमता फिरता रहा। रात करीब 9 बजे पिता खेत से निकलकर पुनः अखरा के समीप स्थित पुराने घर में आकर सो गए। साथ ही अपराधियों के भय से मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। तभी बसंत व संदीप उन्हें रात करीब 10 बजे पुराने घर से खोजकर निकाल लिया। फिर गाली गलौज करते हुए बड़ा आदमी हो गए हो, खूब पैसा कमा लिए हो, कागजी कार्रवाई की बात करते हो, कहकर उनकी पिटाई करने लगे। पिटाई कर उन्हें अधमरा कर घर के समीप लाकर छोड़ दिया। इस दौरान परिवार के लोग भय के कारण घरों में दुबके रहे। वहीं जानकारी के बावजूद ग्रामीणों ने भी उन्हें बचाने की हिमाकत नहीं की। वे भी अपने अपने घरों को अंदर से बंद कर अपराधियों के भय के कारण कैद रहे।
पुलिस गिरफ्तारी के लिए कर रही है छापेमारी
इस संबंध में थाना प्रभारी राकेश कुमार ने कहा कि जल छाजन समिति के सचिव की लाठी से पिटाई कर हत्या की गई है। प|ी ने लिखित आवेदन देकर पीएलएफआई के दो पूर्व उग्रवादियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। जल्द ही दोनों को पकड़ लिया जाएगा।