20 साल पहले घाटोल में बना नया बस स्टैंड उपयाेग के अभाव जर्जर बन गया। यहां से न तो बसों का संचालन शुरू हुआ और न ही दूसरी सुविधाएं मिल रही। ऐसे में स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई।
वेलफेयर मद से घाटोल में नेशनल हाईवे 113 के पास नए बसस्टैंड को सुव्यवस्थित करने, सौंदर्यीकरण, मुख्य गेट, निकासी गेट चौड़ा करने, लाइटिंग बोर्ड लगवाने, बसस्टैंड परिसर में डामर करने, हाईमास्ट व स्ट्रीट लाइट लगवाने, जनसुविधा के लिए रेस्टोरेंट, ठंडे पानी के लिए आरओ मशीन, यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सियां, पानी निकासी के लिए नाला बनवाने, गार्डन बनाने के काम करवाने थे। इसके लिए नेशनल हाईवे प्राधिकरण के आला अफसरों, जनप्रतिनिधियों, उपखंड स्तर के अधिकारियों और ग्रामीणों की बैठक कर ग्रामीणों से सुझाव लेकर योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य करवाने का भरोसा दिया था। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी अब तक न टेंडर हुए और न ही विकास कार्य। नया बसस्टैंड को शुरू करवाने और विकास कार्य करवाने को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम सभा, पंचायत समिति और जिला परिषद की साधारण सभा में भी मुद्दे उठाए थे। इसके लिए 90 लाख रुपए का बजट आने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पाए। इस कारण लाखों की लागत से बना बसस्टैंड असुविधाओं के चलते आज तक शुरू नहीं हो पाया। नया बसस्टैंड परिसर में विकास कार्य करवाने को लेकर भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्रप्रसाद पंचाल ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सड़क परिवहन मंत्री, पीडब्ल्यूडी मंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में बताया कि नेशनल हाईवे 113 कस्बे से होकर गुजर रहे नेशनल हाईवे पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। इससे रोज कस्बे के मुख्य बाजार में जाम की स्थिति बनती है। अगर नया बसस्टैंड शुरू हो जाता है तो बसों और जीपों को संचालन वहां से होगा, जिससे बाजार में जाम की स्थिति से निजात मिलेगी।
घाटोल. 20 साल पहले बना बसस्टैंड उपयोग के अभाव में हो रहा जर्जर।