िजले के सदर अस्पतालों समेत उप स्वास्थ्य केंद्रों में ई-औषधि पोर्टल सेवा शुरू होगी। मकसद अस्पताल आने वाले मरीज व उनके परिजनों को दवा की उपलब्धता के बारे में बताना है। इसका संचालन झारखंड मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन निगम लिमिटेड करेगा। आगामी माह से सदर अस्पताल समेत जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सीएचसी में दवा की मांग व उपलब्धता की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी। पोर्टल के माध्यम से पता चलेगा कि अस्पताल में कौन सी दवा कितनी मात्रा में उपलब्ध है। अमूक अस्पताल में कितनी दवा की जरूरत है। पहले चरण में यह सेवा एमजीएम समेत प्रदेश के तीनों मेडिकल कॉलेज व सदर अस्पताल में उपलब्ध होगी। आने वाले दिनों में यह सुविधा जिले के सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों पर जारी किया जाएगा। राज्य व जिलास्तरीय अधिकारी पोर्टल के माध्यम से दवा की निगरानी करेंगे। फिलहाल अस्पतालों में दवा रहने के बाद भी ऑर्डर कर दिया जाता है। लेकिन अब ई-औषधि पोर्टल से इस पर लगाम लगेगा। सॉफ्टवेयर के जरिए माइक्रो लेवल पर दवाओं की खपत तथा स्टॉक की जानकारी आसानी से प्राप्त हो जाएगी। ग्रामीण इलाके में कहां, कितनी और कौन सी दवा आवश्यक है, यह ऑनलाइन देख पाएंगे।
सदर अस्पताल समेत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सीएचसी में दवा की मांग व उपलब्धता की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी
झारखंड मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन करेगा संचालन, सप्लाई के साथ दवा की होगी एंट्री
इस तरह काम करेगा सॉफ्टवेयर: स्टोर में जैसे ही दवा की सप्लाई होगी साफ्टवेयर में स्वत: उसकी एंट्री हो जाएगी। डॉक्टर मरीज को एक छोटी पर्ची देंगे, जिसमें दवा का नाम और ओपीडी नंबर रहेगा। दवा वितरण केंद्र पर कर्मचारी इंट्री करने के बाद दवा देंगे। कर्मचारी द्वारा दवा की इंट्री करने के साथ ही मेन स्टाॅक से उतनी दवा कम हो जाएगी। इस तरह कितनी दवा है इसकी ऑनलाइन जानकारी विभाग को होगी।
अभी स्वास्थ्य केंद्रों से डिमांड करने पर मिलती है दवा
फिलहाल चाईबासा समेत प्रदेश के तमाम मेडिकल काॅलेज, सदर अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में डिमांड करने पर दवा की सप्लाई होती है। अकसर दवा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। इससे अस्पताल में दवा की कमी हो जाती है। इस कारण मरीजों को समय पर दवाइयां नहीं मिल पाती है। दवा नहीं मिलने की समस्या जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर देखने को मिलती है। इस कारण मरीजों की जान भी चली जाती है।