विभागीय तकनीकी त्रुटि के कारण घाटशिला टाउनशिप के गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गत तीन वर्ष में शहरी क्षेत्र के एक भी गरीब को प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिला है। इसका मुख्य कारण शहरी क्षेत्र के एसईसीसी डाटा (सरकारी खाते में दर्ज गरीबों की सूची) का डिस्प्ले नहीं होना माना जा रहा है। एसईसीसी डाटा में घाटशिला टाउन के अधिकांश गांव घाटशिला सिटी के नाम से दर्ज हैं। इससे घाटशिला के शहरी क्षेत्र में ग्राम पंचायत और ग्रामीण व्यवस्था रहने के बाद भी यहां के गरीबों को पीएम आवास समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे यहां के गरीबों में सरकारी व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश है। घाटशिला प्रखंड के पश्चिमी और पूर्वी मऊभंडार, गोपालपुर, धरमबहाल, पावड़ा, घाटशिला, सांढ़पुरा, नुआग्राम, राजस्टेट, घाटशिला मुस्लिम बस्ती, चालकडीह, काशिदा और विक्रमपुर गांव में तीन वर्षो में एक भी गरीब को पीएम आवास का लाभ नहीं मिला है। सभी गांव ग्राम पंचायत के अंतर्गत आते हैं। घाटशिला में नगर परिषद या नगर पंचायत व्यवस्था नहीं है। इसके बाद भी सरकारी साइट में घाटशिला सिटी के नाम पर ये गांव दर्ज हैं। जिससे इन गांव के लोगों को पीएम आवास योजना से वंचित रहना पड़ रहा है।
नवनिर्मित पीएम आवास।
तीन वर्ष में 1364 पीएम आवास की स्वीकृति
घाटशिला प्रखंड में गत तीन वर्षो में सरकार द्वारा 1364 पीएम आवास बनाने की स्वीकृति दी गई। इनमें एक भी पीएम आवास घाटशिला सिटी नाम से दर्ज गांव के गरीबों को नहीं मिला। शहरी क्षेत्र के अधिकांश गरीबों का आशियाना ढह रहा है। पूर्व में जिन गरीबों को इंदिरा आवास योजना से आवास मिले थे। उनके आवास भी ढहने की स्थिति में है। चालकडीह में सबसे खराब स्थिति पुराने इंदिरा आवासों की है। वर्ष 2016-17 में पहली बार सबसे ज्यादा 740 आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई। इनमें 680 आवास का निर्माण कार्य पूरा करा लिया गया है। वर्ष 2017-18 में 362 पीएम आवास स्वीकृत हुए। इनमें 56 आवास पूर्ण कर लिए गए हैं। वर्ष 2018-19 में 262 आवास निर्माण की स्वीकृति मिली है। प्रथम किस्त के रूप में 40 हजार रुपए लाभुकों के बैंक खाते में भेज दिए गए हैं। इनमें एक भी योजना का कार्य अभी प्रारंभ नहीं हुआ है।
क्या कहते हैं अधिकारी
बीडीओ संजय पांडेय ने बताया कि घाटशिला शहरी क्षेत्र अंतर्गत जितने भी गांव है उनमें पीएम आवास का लाभ अब तक नहीं मिला है। इसका मुख्य कारण एसईसीसी डाटा में शहरी क्षेत्र के गांव के गरीबों के नाम का डिस्प्ले नहीं होना है। घाटशिला प्रखंड में केवल ग्राम पंचायत व्यवस्था ही लागू है। घाटशिला सिटी के नाम पर दर्ज गांवों में पीएम आवास बनाए जाने के निर्देश प्राप्त नहीं हुए है। शहरी क्षेत्र के गरीब पीएम आवास के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाया करते हैं। लेकिन विभागीय आदेश नहीं मिलने के कारण उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं दिया गया है।