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ग्रामीणों ने स्कूल विलय के खिलाफ की बैठक

3 वर्ष पहले
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दामपाड़ा के झाड़बेड़ा गांव में ग्रामीणों की बैठक ग्राम प्रधान श्यामचरण हांसदा की अध्यक्षता में हुई। इसमें मुख्य रूप से भाजपा नेता संजय तिवारी और काशिदा मुखिया पोल्टू सरकार शामिल थे। ग्रामीणों ने बैठक से पूर्व झाड़बेड़ा गांव के विभिन्न टोलों से धालभूमगढ़ प्रखंड क्षेत्र के बबईदा प्रावि की दूरी का आकलन पैदल चल कर किया। इसके बाद ग्रामीणों ने बताया कि जब बबइदा प्रवि से झाड़बेड़ा की दूरी करीब 4 किमी है तो झाड़बेड़ा प्रावि का विलय बबइदा प्रावि में किस आधार पर किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीईईओ वैधनाथ प्रधान और सीआरपी द्वारा गलत रिपोर्ट शिक्षा विभाग को दी गई है। इसी रिपोर्ट पर स्कूल का विलय धालभूमगढ़ प्रखंड के बबइदा स्कूल में किए जाने का निर्देश जारी हुआ है। उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

झाड़बेड़ा गांव में आयोजित बैठक में शामिल ग्रामीण और भाजपा नेता।

विधायक ने डीसी से स्कूल के विलय को रोकने का किया है आग्रह : तिवारी

बैठक को संबोधित कर भाजपा नेता संजय तिवारी ने कहा कि विधायक लक्ष्मण टुडू ने ग्रामीणों की मांग को जायज मानते हुए झाड़बेड़ा स्कूल का विलय बबईदा स्कूल में नहीं किए जाने की मांग की है। इसमें उन्होंने ग्रामीणों की समस्या रखते हुए झाड़बेड़ा स्कूल का संचालन पूर्व की भांति किए जाने की मांग की है। इसमें विधायक द्वारा डीसी को बताया गया है कि झाड़बेड़ा स्कूल के पोषक क्षेत्र का दायरा करीब 3 किमी रेडियस में है। जबकि झाड़बेड़ा गांव से बबईदा स्कूल की दूरी करीब 4.50 किमी है। इससे बच्चों को दूरी तय कर पढ़ाई करने में परेशानी होगी। विधायक द्वारा काशिदा मवि, धालभूमगढ़ के दोलकी प्रावि, मुसाबनी के नेत्रा मवि के विलय को रोकने की मांग की गई है। बैठक में पोल्टू सरदार, श्यामचरण हांसदा, हामवीर मुर्मू, बुढान मुर्मू, जसाई मुर्मू, बास्ता हांसदा, जासमी हांसदा, बासंती हांसदा, नियती मुर्मू समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल थे।

ग्रामीण गांव में निजी स्तर पर संचालित कर रहे हैं स्कूल

श्यामचरण हांसदा ने कहा कि गत माह झाड़बेड़ा स्कूल का बबईदा स्कूल में विलय किए जाने का निर्देश स्कूल प्रबंधन को दिए जाने के बाद झाड़बेड़ा स्कूल के शिक्षकों ने स्कूल में तालाबंद कर दिया। लेकिन सभी ग्रामीणों द्वारा स्कूल का संचालन स्कूल भवन के बरामदे में निजी स्तर पर किया जा रहा है। स्कूल में करीब 62 बच्चे रहे हैं।

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