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आईसीसी के पूर्व यूनिट हेड के पक्ष में उतरे कंपनी में कार्यरत हजारों कामगार
एचसीएल की मऊभंडार स्थित यूनिट इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स (आईसीसी) के पूर्व इकाई प्रमुख संजय कुमार सिंह के पक्ष में ताम्र नगरी के मजदूर गोलबंद होने लगे हैं। पूर्व यूनिट हेड के स्थानांतरण आदेश को अविलंब रद्द करने की मांग को लेकर कंपनी कामगारों द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। हस्ताक्षर अभियान मऊभंडार स्थित आईसीसी कारखाना से लेकर सुरदा माइंस और मुसाबनी कन्संट्रेटर प्लांट तक चलाया जा रहा है। खास बात यह है कि यह हस्ताक्षर अभियान किसी यूनियन अथवा नेता विशेष के नेतृत्व में नहीं चलाकर आईसीसी के मजदूर स्वयं चला रहे हैं। जिसमें संगठित क्षेत्र के कामगारों के साथ-साथ असंगठित क्षेत्र के कामगार भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रहे हैं। आईसीसी के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी यूनिट हेड का स्थानांतरण रद्द कराने की मांग को लेकर संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों ने स्वयं अभियान चलाया हो। बताया जाता है कि हजारों मजदूरों के हस्ताक्षरयुक्त एक मांग पत्र जल्द ही प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय खान मंत्री, मुख्यमंत्री, महिला आयोग, एचसीएल के सीएमडी, स्थानीय सांसद को सौंपा जाएगा। वहीं संजय सिंह मामले की जांच के दरम्यान मजदूरों की भी राय ली जाए।
संजय सिंह
(फाइल फोटो)
संजय मामले में प्रिंसिपल ऑफ जस्टिस का उल्लंघन : कामगार
आईसीसी के कामगारों का कहना है कि यूनिट हेड रहे संजय कुमार सिंह के मामले में प्रिंसिपल ऑफ जस्टिस का उल्लंघन हुआ है। कामगारों के मुताबिक कंपनी की ही एक महिला अधिकारी द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगा देने मात्र पर ही यूनिट हेड का ट्रांसफर कर दिया जाना न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है। कंपनी प्रबंधन को शिकायत के आधार पर पहले प्रारंभिक स्तर की जांच करानी चाहिए थी। उसके बाद कोई कार्रवाई की जाती। ऐसा करने के बजाए प्रबंधन डायरेक्ट यूनिट हेड का ट्रांसफर कर दिया। आईसीसी के कामगारों ने मांग पत्र में कहा है कि आईसीसी कारखाना में इन दिनों शटडाउन चल रहा है, जिससे अगले कुछ वर्षों तक स्मेल्टर सुचारू रूप से चल सके। शटडाउन की सारी रुपरेखा यूनिट हेड रहते संजय सिंह ने ही तय की थी। ऐसे में उनके पद पर नहीं बने रहने से शटडाउन का काम काफी प्रभावित होगा। उन्हीं का प्रयास है कि सुरदा माइंस में आज रिकॉर्ड उत्पादन देखने को मिल रहा है। संजय सिंह के नेतृत्व में ही बंद केंदाडीह माइंस दोबारा चालू हुई।