युवक ने जताई अपने ऊपर हमले की आशंका, एसपी से लगाई न्याय की गुहार
धोबनी के कोयो टोला निवासी रमेश माझी ने मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम एक शिकायत पत्र दिया है। इसमें उन्होंने ग्रामीणों एवं थाना प्रभारी द्वारा बार बार अत्याचार करने का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि विगत 19 मार्च 2017 को कुछ लोग उनकी की अनुपस्थिति में ताला तोड़कर घर में प्रवेश कर गए। इस दौरान गांव के ग्रामीणों ने काफी बवाल मचाया। इसकी लिखित शिकायत रमेश माझी ने मुसाबनी थाना प्रभारी से की। इसकी प्रतिलिपि पुलिस उपाधीक्षक व अनुमंडल पदाधिकारी घाटशिला को भी दिया गया था। इसके बाद 16 अप्रैल 2017 दिन रविवार को ग्राम सड़कघुट्टू के लोगों ने रमेश माझी के घर में जबरन घुस गए और कपड़ा लत्ता, सोना गहना, बर्तन, टीवी, बक्सा, चेयर आदि सामान घर से बाहर फेंक दिया। इसका रमेश मांझी ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट एवं धक्का-मुक्की की गई और घर से बाहर निकाल दिया गया। उस वक्त मोबाइल फोन पर मुसाबनी थाना प्रभारी को घटना की सूचना दी गई। सूचना के बाद थाना प्रभारी दल बल के साथ घर पहुंचे और घटना का जायजा लेने के बाद ग्रामीणों पर कार्रवाई नहीं की गई।उल्टा थाना प्रभारी ने तालाबंदी कर उन्हें घर से बेघर कर दिया था।
4 मई 2018 दिन शुक्रवार को मुसाबनी थाना प्रभारी ने मुझको बुलाया फिर थाना प्रभारी पुलिस दल बल के साथ जाकर मेरा घर का ताला तोड़कर मुझे अपना घर वापस सुपुर्द किया। अपना घर का दरवाजा खोलकर देखा तो मेरा घर जर्जर एवं गंदगी से भरा हुआ था। तब मैंने मजदूरों को लगाकर साफ करवाया और घर में रहने लगा लेकिन दिनांक 12 मई 2018 दिन शनिवार को मेरी अनुपस्थिति में मेरा घर का ताला के ऊपर ग्रामीणों ने ताला मार दिया है। मुझे यकीन है सिविल कोर्ट में दर्ज केस संख्या 97/ 2017 में जिन लोगों के साथ मेरा केस चल रहा है। वही लोग ऐसा किया है। मेरे ऊपर इस तरह बार-बार अत्याचार हो रहा है।