घाटशिला प्रखंड को ओडीएफ बनाने के लिए तय डेट लाइन 30 मई निर्धारित है। 11 दिनों में करीब 5 हजार 111 शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा करना होगा। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रतिदिन करीब 500 शौचालय बनाने होंगे। दो पंचायतों को ओडीएफ घोषित किया गया है। प्रखंड के पूर्वी मऊभंडार और पश्चिमी मऊभंडार पंचायत को प्रखंड द्वारा पूर्ण ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। दोनों ही पंचायत एचसीएल कंपनी क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं। मिली जानकारी के अनुसार पूर्वी मऊभंडार पंचायत क्षेत्र में करीब 20-25 घर ऐसे हैं, जहां शौचालय है ही नहीं। एचसीएल कंपनी के काफी नजदीक रहने के बाद भी कंपनी प्रबंधन द्वारा सीएसआर योजना से इन गरीबों के लिए शौचालय नहीं बनाया गया। सर्वे सूची के अनुसार 11 हजार शौचालयों का निर्माण होना था। 3174 शौचालय बनाना शेष रह गया है। स्लीप बैक के तहत 7077 तय लक्ष्य था। इनमें केवल 1944 शौचालय बनाना शेष रह गया है। दोनों ही योजना के तहत शौचालय निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए व्यापक प्रयास जारी है। बीडीओ संजय पांडेय और एडीएम लॉ एंड ऑडर सुबोध कुमार तथा प्रखंड कोऑर्डिनेटर तारक साव द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
नवनिर्मित शौचालय का निरीक्षण करते बीडीओ और अन्य।
क्या कहते हैं अधिकारी
स्वच्छ भारत मिशन के प्रखंड को-ऑर्डिनेटर तारक साव ने कहा कि प्रखंड कार्यालय द्वारा प्रखंड को 30 मई तक खुले में शौचमुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। जबकि जिला द्वारा प्रखंड को 15 जून तक ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा गया है। युद्ध स्तर पर शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। प्रखंड को ओडीएफ बनाने में लाभुक शौचालयों का शत-प्रतिशत प्रयोग करें।
लाभुक शौचालय का नहीं कर रहे हैं उपयोग
ग्रामीण क्षेत्र में मॉटिवेशन के अभाव में अधिकांश ग्रामीण अपने घरों में बनाए गए शौचालय का उपयोग नहीं कर रहे हैं। पूर्व की भांति खुले में शौच को प्राथमिका दे रहे हैं। उपयोग नहीं होने और सही रख-रखाव के अभाव में बनाए गए शौचालयों का प्रयोग अन्य कार्यों में किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर निर्मित शौचालयों में सूखी लकड़ी और गोइंठा रखा जा रहा है।