विभिन्न संगठनों ने संयुक्त रूप से सोमवार को राष्ट्रपति के नाम स्मार पत्र अनुमंडल कार्यालय के कार्यपालक दंडाधिकारी देवेंद्र दास को सौंपा। यह स्मार पत्र अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के संदर्भ में उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के विरोध में 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के विरोध में सौंपा गया। इसमें बताया गया कि कानून में शिथिलता बरतने के आदेश को जिस स्तर पर पेश किया गया वह चिंताजनक था। इस आदेश के पारित किए जाने पर अनुसूचित जाति और जनजाति जनसमूह में नाराजगी है। इसको लेकर 2 अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया गया था। इस बंद के दौरान समर्थकों को गिरफ्तारी भी हुई। शांतिपूर्ण प्रदर्शन में आपराधिक तत्वों द्वारा गोलियां चलाई गई।