विकास की रीढ़ होती है शिक्षा, बच्चों को पढ़ाएं
भास्कर न्यूज| भुरकुंडा/उरीमारी
उरीमारी चेक पोस्ट स्थित सिद्धू कान्हू चौक पर रैयत विस्थापित-प्रभावित समन्वय समिति ने बुधवार को वीर शहीद सिद्धू कान्हू प्रतिमा अनावरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू उपस्थित थीं। कार्यक्रम की शुरुआत राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को गार्ड आफ आनर के साथ हुई। राज्यपाल ने उरीमारी चौक पर अवस्थित वीर शहीद सिद्धू कान्हू की प्रतिमा का अनावरण किया।
इसके बाद पारंपरिक तरीके से राज्यपाल का स्वागत करते हुए मंच तक लाया गया। रैयत विस्थापित-प्रभावित समन्वय समिति ने माल्यार्पण कर अतिथियों का स्वागत किया। समिति के अध्यक्ष दसई मांझी ने स्वागत भाषण देते हुए राज्यपाल को क्षेत्र की समस्या, विस्थापन, शिक्षा से अवगत कराया। समारोह में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वीर शहीद सिद्धू कान्हू ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए अपना बलिदान दिया। शहीदों ने अंग्रेजों के शोषण, जल जंगल जमीन की रक्षा, कर व्यवस्था का विरोध करते हुए लड़ाई लड़ी। इनकी एक हमेशा सोच रही कि युद्ध करो या मरो। वे लोग अपने लिए नहीं वतन के लिए जीते थे। समाज के लिए अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया। आज हमे उनके विचार और योगदान को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और राज्य तेजी से विकास कर रहा है। कई विकास और कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं। इन योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। उरीमारी क्षेत्र की चार पंचायत में दस हजार लोग रहते हैं। यहां हाई स्कूल तो है लेकिन उच्च शिक्षा की व्यवस्था नहीं है। उरीमारी में प्लस टू और लड़कियों के लिए गर्ल्स हाई स्कूल खुलवाने का प्रयास करेंगी। देश की आत्मा गांवों में है। शिक्षा विकास की रीढ़ होती है। उन्होंने कहा कि जब तक बेटा और बेटी शिक्षित नहीं होंगे तब तक उनमें जागरूकता नहीं आएगी। बेटा पढ़ेगा तो परिवार के लिए लेकिन बेटी पढ़ेगी तो वह समाज के लिए होगी। बेटा और बेटी में भेदभाव नहीं करना चाहिए। सबका विकास हमारा लक्ष्य है। उन्होंने जिला प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन से कहा कि विस्थापित जमीन के रूप में जिन्दगी के टुकड़ों को खोये हैं। उनको मूलभूत सुविधा और मनोबल को सुदृढ़ करना मेरी सोच है। शिक्षा के बिना विकास असंभव है। मंच संचालन कौलेश्वर गंझू ने किया। मौके पर हजारीबाग डीसी रविशंकर शुक्ला, एसपी अनिश गुप्ता, एसडीपीओ अर्चना कुमारी, एसडीपीओ पतरातू श्रीकांत सुरेश राव खोत्रे, डीएसपी डाॅ वीरेंद्र कुमार चौधरी, एसी दिलीप तिर्की, सेक्टर मजिस्ट्रेट डाॅ रेखा रानी, एसडीएम आदित्य रंजन, कार्यपालक दंडाधिकारी कुमुद झा, बड़कागांव सीओ वैभव कुमार सिंह, सीसीएल बरका-सयाल महाप्रबंधक प्रकाश चंदा, पीओ डीके रामा, विभूति मोहन मिश्रा, पार्षद संजीव बेदिया, दर्शन गंझू, विंध्याचल बेदिया, महादेव मांझी, ओमप्रकाश सिंह, सावित्री मुर्मू, सहित दर्जनों महिला पुरुष मौजूद थे।
गार्ड आॅफ आॅनर लेती महामहिम।
समारोह में उपस्थित लोग।
समारोह में नृत्य प्रस्तुत करती छात्राएं।
समारोह में ये लोग थे शामिल
समारोह को सफल बनाने में समिति के संरक्षक गहन टुडू, रैना टुडू, सोनाराम हेम्ब्रोम, गणेश गंझू, संजय करमाली, बहादुर मांझी, महादेव मांझी, सुरेश मुर्मू, दिनेश करमाली, का र्तिक मांझी, परमेश्वर सोरेन, तालो हांसदा, दीपक करमाली, सूरज बेसरा, सिकंदर सोरेन, मुकंदर सोरेन, मोहन सोरेन, राजेन्द्र गंझू, सोलेन हांसदा, बिनोद हेम्ब्रोम, जितेंद्र यादव, बिनोद सोरेन, सुबितराम किस्कू, प्रदीप किस्कू, नकुल प्रजापति, बिरसा मांझी, तुलसी, चंदा उरांव, दिनेश मुंडा, पूरन टुडू, हेमलाल बेसरा सहित दर्जनों लोग शामिल थे।
सुरक्षा में ये थे तैनात
समारोह की सुरक्षा में हजारीबाग एसपी, एसडीपीओ, डीएसपी के अलावा पतरातू थाना प्रभारी लिलेश्वर महतो, भुरकुंडा थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, गिद्दी थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह, भदानीनगर ओपी प्रभारी अर्जुन उरांव, बासल प्रभारी बिमल प्रकाश तिर्की, उरीमारी पीएन मेहरा सहित रामगढ़ और हजारीबाग जिला के सशस्त्र बल शामिल थे।