हेसालौंग ग्रामीणों ने गुरूवार को सवईयागढ़ा डैम गहरीकरण कार्य व हेसालौंग से बसकुदरा सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता बरते जाने के विरोध में निर्माण कार्य को रोक दिया। कार्य रोकने के बाद ग्रामीणों ने एक बैठक कर एक रणनीति तैयार किया। साथ ही 41 सदस्यीय कमेटी का गठन किया। हेसालौंग पंचायत के मुखिया पच्चू भुइयां व पंसस कौलेश्वर रजवार ने बताया कि गत दिन ग्रामीणों ने बैठक कर निर्माण कार्य में अनियमितता बरती जाने की शिकायत संबंधित अधिकारी व ठेकेदार को किया था। साथ ही निर्माण कार्य में सुधार लाने को कहा था। परंतु निर्माण कार्य में कोई सुधार नहीं पर कार्य को रोक दिया गया और इस्टीमेट के अनुसार काम होने पर ही काम चालू करने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के आंदोलन करते रहने के कारण हेसालौंग से बसकुदरा तक लगभग 1 करोड़ 70 लाख की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 4 किलोमीटर सड़क बन रहा है। जिसमें 1600 मीटर पीसीसी बनाना है। परंतु ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में काफी अनियमितता बरती जा रही है। वहीं माइनर एरिगेशन विभाग से 1 करोड़ 69 लाख की लागत से सवईयागढ़ा डैम गहरीकरण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य में घटिया सामग्री लगाया जा रहा है। ऐसे में सड़क का लंबे समय तक सही रहने में प्रश्न चिन्ह लग गया है। वहीं डैम का भी कार्य सही ढंग से नहीं चल रहा है। ग्रामीणों द्वारा गठन किया गया कमेटी गुणवक्ता युक्त निर्माण कराने की मांग को लेकर हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र मंत्री, सांसद, विधायक, उपायुक्त, एसडीओ समेत अन्य अधिकारी को पत्र देंगे। कार्य रोकवाने वालों में मौके पर मुखिया पच्चू भुइया, पंसस कौलेश्वर रजवार, राजेंद्र गोप, संतोष साहु, सुदर्शन मंडल, उमाशंकर प्रसाद, रघु राम, मथुरा रजवार, रंजीत प्रसाद, नंदकिशोर प्रसाद, त्रिवेणी प्रसाद, अर्जुन प्रसाद, बहादुर गोप, संजय गोप, उमेश राम, विनोद प्रसाद, कमल गोप, महेंद्र प्रसाद, विशेश्वर प्रसाद, गोविंद राम, सरभु राम, अमृत राणा, श्रवण प्रसाद, रामदेव राम, भीखराज राम, दिलीप कुमार, प्रभु गोप, रामप्रवेश गोप, दिनेश प्रसाद, राजदीप प्रसाद आदि शामिल हैं।