ग्राम विकास/आदिवासी विकास समिति गठन को लेकर शनिवार को रेलीगढ़ा पश्चिमी पंचायत सचिवालय में ग्रामसभा हुई। ग्रामसभा में डाड़ी प्रखंड प्रमुख फुलझड़ी देवी, डाड़ी भाग दो जिला परिषद सदस्य लखन लाल महतो, बीपीओ शंकर प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद मौजूद थे। ग्रामसभा की शुरुआत में शंकर प्रसाद ने ग्राम विकास/आदिवासी विकास समिति गठन की प्रक्रिया के विधि के बारे में लोगों को जानकारी दी।
इसी बीच ग्रामीणों ने पर्व के गठित ग्रामसभा को बीना कारण रद्द करने की बात कह विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का विरोध होता देख प्रमुख फुलझड़ी देवी व जिप सदस्य लखन लाल महतो ने सवाल खड़ा किया कि बीते 8 मई को पंचायत सचिव की उपस्थिति में ग्राम विकास समिति का गठन करने के बाद डाड़ी बीडीओ द्वारा इसे केंसल करने की बात समक्ष नहीं आ रही है। अगर 8 मई को ग्रामसभा में कोई खामियां थीं तो उस वक्त ग्राम विकास समिति का गठन नहीं करना चाहिए था। ग्रामसभा में प्रमुख व जिप सदस्य ने पंचायत सचिव से पूछा कि 8 मई को गठित किया गया ग्राम विकास समिति नियम संगत हुआ था कि नहीं। इस पर पंचायत सचिव ने ग्राम सभा में उपस्थित लोगों के बीच कहा कि चुनाव नियम संगत हुआ है। इसी के बाद प्रमुख, जिप सदस्य के साथ दर्जनों ग्रामीणों ने ग्रामसभा कराने का विरोध दर्ज कर चले गए और कहा कि 8 मई की गठित ग्राम विकास समिति का चुनाव नियम संगत हुआ है तो वही समिति मान्य होगी। उन्होंने इस मामले में मोबाइल पर हजारीबाग डीडीसी को शिकायत कर डाड़ी बीडीओ पर जबरन चुनाव कराने का आरोप लगाया। इसपर डीडीसी ने जिला परिषद को लिखित शिकायत करने को कहा। ग्रामसभा का विरोध करने वालों में प्रमुख फुलझड़ी देवी, जिप सदस्य लखन लाल महतो, धनंजय सिंह, प्रदीप रजक, सुबीर झा, चितरंजन उर्फ छोटू, तापस चक्रवर्ती, रामाशीष कुमार, अलख दास, मुन्ना कुमार आदि समेत दर्जनों लोग शामिल है।
ग्राम सभा का बहिष्कार करते प्रमुख, जिप सदस्य व ग्रामीण।