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डाड़ी के विकास के लिए इसको रामगढ़ में शामिल करना जरूरी

3 वर्ष पहले
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भाकपा माले डाडी प्रखंड ने मंगलवार को 15 सूत्री मांगों को लेकर डाड़ी प्रखंड मुख्यालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन स्थल पर हुए सभा को संबोधित करते हुए प्रखंड सचिव सोहराय किस्कू ने कहा कि डाड़ी प्रखंड को बने हुए 10 वर्ष हो गए परंतु न तो प्रखंड का विकास हुआ और न ही यहां के लोगों का स्थिति में सुधार हुआ। डाड़ी प्रखंड के ग्रामीणों की स्थिति आसमान से गिरे खजूर में लटके वाली है क्योंकि डाड़ी प्रखंड जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर हजारीबाग है। जबकि डाड़ी प्रखंड से मात्र 20 किलोमीटर दूर रामगढ़ मुख्यालय है।

डाड़ी वासियों के विकास के लिए प्रखंड को रामगढ़ जिला में शामिल होना जरूरी है। वहीं सरकार द्वारा बिजली बिल बढ़ा दिए जाने से इसका सीधा प्रभाव ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। ग्रामीण आर्थिक बोझ से दब जाएंगे। उन्होंने कहा कि डाड़ी प्रखंड के गिद्दी, रेलीगढ़ा व डाड़ी की छह पंचायतों को नगर निगम में शामिल करना यहां के लोगों के साथ अत्याचार होगा। क्योंकि इन पंचायतों में कोलियरी क्षेत्र आते है। जहां पर लोग अस्थायी रूप से रहते हैं। सभी छह पंचायत नगर निगम बनने की अहर्ता भी पूरा नहीं करता है। इसलिए सरकार को बिजली बिल बढ़ोतरी के फैसला तथा हजारीबाग जिला प्रशासन को छह पंचायतों को नगर निगम में शामिल करने के प्रस्ताव वापस ले तथा क्षेत्र के विकास के लिए डाड़ी प्रखंड को रामगढ़ जिला में शामिल करे। सभा को विद्यालय रसोइया संयोजिका अध्यक्ष संघ की केंद्रीय कोषाध्यक्ष अनिता देवी, मंगरा मुंडा, बुधनी देवी, सुखराम हेम्ब्रम, चेतलाल मांझी, रमेश मिस्त्री, रामप्रवेश गोप, रस्का मांझी आदि ने भी संबोधित किया। बाद में भाकपा माले का एक प्रतिनिधिमंडल बीडीओ के नाम 15 सूत्री मांग पत्र सौपा। जिसमें बिजली बिल बढ़ोतरी के फैसले वापस लेने, गिद्दी, रेलीगढ़ा व डाड़ी पंचायत को नगर निगम बनाने के प्रस्ताव को वापस लेने, डाड़ी प्रखंड को रामगढ़ जिला में शामिल करने, डाड़ी प्रखंड में चल रहे प्रधानमंत्री सड़क योजना से बन रहे सड़क को सही ढंग से प्राक्कलन के अनुरूप बनाने, स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटा डाक्टर व नर्स की व्यवस्था करने, पारा शिक्षकों , रसोइया, आंगनबाड़ी सेविका तथा अनुबंधकर्मी को समय पर मानदेय का भुगतान करने, भूमिहीन परिवारों को घर व भूमि देने, मनरेगा मजदूरों को 100 दिन रोजगार देने व मजदूरी 168 रुपए की जगह 500 प्रतिदिन देने आदि की व्यवस्था करना शामिल है। सभा की अध्यक्षता अशोक गुप्ता व संचालन अजीत प्रजापति ने किया। मौके पर सुनील किस्कू, कृष्णा सिंह, युगल राम, सुगन उरांव, अलविस बाड़ा, सहदेव करमाली, चंद्रदेव सोरेन, फुलेश्वर महतो, मोती राम सोरेन, विकास हेम्ब्रम, संजय टुडू, बबलू हेम्ब्रम, बाबूराम मांझी, फागू उरांव, तलकु देवी, उर्मिला देवी, शांति देवी, ललिता देवी, पैरो देवी, फूलमती बास्के, दिनेश गोप, सीताराम मांझी, अनिता मरांडी, गीता भुईंया, उर्मल राम, मामलती बेसरा, कौशल्या देवी, हीरामल साव, सोमरी देवी, शांति देवी, कौलेश्वर राम आदि समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।

जुलूस में शामिल माले के नेता व कार्यकर्ता।

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