रिजेक्ट कोयले की गुणवत्ता की जांच कर तय करें दर
बिहार कोलियरी कामगार यूनियन गिद्दी वाशरी व मार्क्सवादी समन्वय समिति डाड़ी प्रखंड ने शनिवार को छह सूत्री मांग को लेकर गिद्दी वाशरी परियोजना कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। साथ ही प्रबंधन विरोधी नारेबाजी भी की। मौके पर बीसीकेयू के कार्यकारी अध्यक्ष मिथिलेश सिंह ने कहा कि गिद्दी वाशरी के कोकिंग कोल होने के समय मिडलिंग, स्लरी, वाश कोल व रिजेक्ट कोयला का उत्पादन होता था और उसे रोड सेल के माध्यम से बेचा भी जाता था। लेकिन नन कोकिंग होने के बाद मिडलिंग कोयला बंद हो गया।
वहीं वाशरी के रिजेक्ट व स्लरी की कीमत गिद्दी सी परियोजना के स्टीम कोयले से अधिक है। परिणाम स्वरूप वाशरी में संचालित रोड सेल में गाडिय़ां कम लग रही है। वहीं प्रबंधन द्वारा मार्च माह का ऑफर नहीं देने तथा अभी तक अप्रैल माह को ऑफर नेट पर नहीं दिया गया है। ऐसे में गिद्दी वाशरी सेल में कार्यरत 516 दंगल के हजारों मजदूरों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने प्रबंधन से रिजेक्ट कोयले की गुणवत्ता की जांच कर ग्रेड तय कर दर निर्धारित करे। साथ ही स्लरी व रिजेक्ट कोयले का ऑफर नहीं देती है तो वाशरी परियोजना का चक्का जाम कर दिया जाएगा।
प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल दो नंबर क्वायरी का स्लरी को डिपार्टमेंटल ट्रांसपोर्टिंग कर रोड सेल में देने, रिजेक्ट कोल का सेंपलिंग कर मूल्य निर्धारित कर अधिक मात्रा में रोड सेल में देने, वाशरी में पर्याप्त मात्रा में बलकुदरा सहित अन्य परियोजनाओं से कोयला मंगाकर नियमित रूप से चलाने, स्लरी व रिजेक्ट कोयले का ऑफर प्रतिमाह अधिक मात्रा में परियोजना से भेजकर डीओ मंगाने, 23 मई 1998 की त्रिपक्षीय समझौता के अनुसार गिद्दी कोलियरी का रोड सेल देकर वैकल्पिक रोजगार मुहैया कराने, ठेका मजदूरों का वेतन हाईपावर कमेटी के फैसले के अनुसार प्रत्येक माह नियमित रूप से भुगतान कराने की छह सूत्री मांग पत्र सौपा। मौके पर मिथिलेश सिंह, आरडी मांझी, सुंदरलाल बेदिया, गौत्तम बनर्जी, शंभु कुमार, कार्तिक मांझी, उमेश राम, प्रदीप रवानी, राजकुमार लाल, रामू सिंह, राथो महतो, फागू बेदिया, मीना देवी, संगीता लकड़ा, लता देवी, रानी देवी, धनुवा देवी, अगनी देवी, मालती देवी, सोमरी देवी, कैलाश महतो, अरविंद कुमार, देवनारायण गोप, बसंत राम, महेश बेदिया, मित्रलाल महतो, बैजनाथ महतो सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल थे।
गिद्दी वाशरी में प्रदर्शन करते बीसीकेयू व मासस के लोग।