प्रखंड कार्यालय के सभाकक्ष में शनिवार को पंचायत समिति की समीक्षा बैठक प्रमुख प्यारी देवी की अध्यक्षता में हुई। बैठक से बीडीओ अनुपस्थिति थे। जबकि बीसीओ मौजूद थे। बैठक में बीआरसी, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य, शिक्षा, वृद्धा पेंशन, पेयजल व कल्याण विभाग की समीक्षा की गई।
बैठक की शुरुआत कन्यादान योजना से की गई। सदस्य महादेव दांगी ने कन्यादान योजना का मामला उठाते हुए कहा कि कन्यादान का लाभ मिलने वालों की सीडी अब तक बनी या नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी पर लाखों खर्च करती है,परन्तु केंद्र में बच्चे ही नहीं हैं। सांसद प्रतिनिधि ने कहा कि प्रखंड के इचाक आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति अत्यंत दयनीय है। सुपरवाइजर उर्मिला देवी ने कहा कि कन्यादान के लिये 24 लोगों का सीडी बनाकर जिला को भेजी गई है।सदस्य खुशबू देवी ने प्रखण्ड में पेयजल की बढ़ती किल्लत का मामला उठाया।प्रमुख ने कहा कि खराब चापानल को मरम्मत करने के नाम पर विभाग के लोग ग्रामीणों से पैसे की वसूली करते है।मारंगी गांव में चापानल मरम्मत कर विभाग के कर्मियों ने ग्रामीणों से 700 रुपये लिया है।पेयजल स्वच्छता के कर्मी प्रभु साव ने कहा कि विभाग के लोगों को मरम्मत के नाम पर पैसे नहीं देना है,अगर ऐसा है तो विभाग को इसकी सूचना दें।महादेव दांगी ने बीआरसी का मामला उठाते हुए बीईईओ से कहा कि बीआरसी मुख्यालय में कब तक आएगा। बीआरसी की मामला उठते ही सदस्य खुशबू देवी ने कहा कि बीआरसी हर हाल में बलबल से ही संचालित होगा। उसने कहा कि मैं बीआरसी के मामले में लगातार विरोध कर रही हूं। स्वास्थ्य विभाग का मामला उठाते हुए उन्होंने कहा कि गिद्धौर स्वास्थ्य केंद्र में तीन डॉक्टर पदस्थापित है, बारी-बारी से रात में रुक कर केंद्र में ग्रामीणों का इलाज करें।प्रमुख ने कहा कि बीडीओ को स्थाई समिति गठन करने का आवेदन दिया गया है,जो आज तक गठन नहीं किया गया है।