गिद्धौर | प्रखंड स्थित बलबल मां बागेश्वरी मंदिर परिसर में रविवार को बलबल बागेश्वरी न्यास की बैठक हुई। बैठक में उपस्थित लोगों ने न्यास को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ मंदिर निर्माण कार्य संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही बलबल पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किये जाने संबंधी विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया। इसमें बलबल गर्म जल कुंड की विशेषता बताते हुए कहा कि जिले का एक मात्र गर्म जल झरना गिद्धौर प्रखंड के दुआरी स्थित बलबल अपने-आप मे गौरव प्राप्त है। यहां का गर्म जल से स्नान करने से चर्म रोग से लोगों को निजात मिलती है। साथ ही इस पानी को पीने से पेट संबंधी विकार भी दूर होती है। मंदिर के समीप एक शिव गंगा कूप है। यह कूप दस फीट ब्यास का है। कूप में हमेशा तीन फीट ठंडा पानी भरा रहता है। इसके जल में खासियत है कि लंबे समय तक रखने के बाद भी पानी स्वच्छ रहता है। कूप का पानी सुखाने के लिए 24 घंटा तक पंप से पानी निकालने के बाद भी इसमें पानी नहीं सूखता है। प्राचीन काल से ही यहां जगत जननी मां बागेश्वरी विराजमान है। यहां सालोभर दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच कर गर्मकुंड में स्नान कर मां बागेश्वरी की पूजा कर मन्नत मांगते है। बलबल में 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर लगने वाली 15 दिवसीय पशु मेला ऐतिहासिक है।