पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • जेल अदालत ने एक बंदी को किया रिहा

जेल अदालत ने एक बंदी को किया रिहा

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गिरिडीह केंद्रीय कारा में रविवार को जेल अदालत सह कानूनी जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें एक मामले का निष्पादन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सीजेएम अनिल कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मनोरंजन कुमार और जेल अधीक्षक मो. इशराइल ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में मामला लंबित था। जो 2017 से चल रहा था। जिसमें मामले के आरोपी पप्पू मरांडी जो करीब 14 महीने से जेल में बंद था। उसने अपना दोष स्वीकार कर जेल अदालत में आवेदन दिया। जिसके बाद उसे रिहा करते हुए उसके मामले का निष्पादन कर दिया गया। जिला विधिक प्राधिकार के सचिव मनोरंजन कुमार ने कहा कि एक छोटी सी भूल के कारण बड़ी घटना हो जाती है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जेल जीवन पर चर्चा करते हुए कहा कि वे जब जेल में थे तो उन्होंने सत्य के साथ मेरा अनुप्रयोग नामक पुस्तक की रचना की थी। उसी तरह बंदियों को रचनात्मक कार्य करना चाहिए और सत्य के मार्ग का अनुसरण करना चाहिए। यदि किसी बंदी को यह लगता है कि उससे कोई छोटी मोटी गलती हो गई है और उसके कारण वह जेल में है तो अपने गलती को स्वीकार करते हुए आवेदन देना चाहिए। कार्यक्रम में जेलर कौलेश्वर राम पासवान मौजूद थे और कार्यक्रम को सफल बनाने में जेल पीएलवी मोहन सिंह, इंद्रजीत सिन्हा, दीलिप कुमार, अशोक कुमार वर्मा, कामेश्वर का योगदान रहा।

जेल अदालत में शामिल बंदी।

खबरें और भी हैं...