50 लाख रुपए तक के प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महिला के नाम कराने का शुल्क महज एक रुपए करने की सरकार की योजना ने महिलाओं का भाग्य खोल दिया है। इस योजना के लागू होने के साथ अचल संपत्ति खरीदने में झारखंड की महिलाएं पुरुषों से आगे हो गई हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए अचल संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की सरकार की योजना का सीधा लाभ महिलाओं को मिल रहा है। झारखंड में महिलाओं को एक रुपए टोकन राशि में 50 लाख रुपए मूल्य तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पिछले 11 माह से हो रही है। जिसमें कई महिलाएं जमीन खरीद रही हैं तो कई फ्लैट। इस दौरान राज्य में जमीन रजिस्ट्री में महिलाओं को सिर्फ गिरिडीह जिले में 15 करोड़ 18 लाख 61 हजार 833 रुपए की छूट मिली है। 19 जून 2017 से 19 मई 2018 तक गिरिडीह जिले में कुल 8553 डीड रजिस्टर्ड किए गए। इसमें से 5247 डीड महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड कराए गए हैं। जबकि 3306 डीड पुरूषों के नाम पर रजिस्टर्ड हुआ है।
किसी महिला के नाम पर 50 लाख तक की संपत्ति का एक रुपये में निबंधन सिर्फ एक ही बार हो रहा है।
पुरुषों के नाम पर हुई 3306 रजिस्ट्री, 4 निबंधन कार्यालयों में जून 2017 से मई 2018 के बीच बने कुल 8553 डीड
महिलाओं के नाम रजिस्ट्री का आंकड़ा 65 फीसदी के पार
जिले में यह तस्वीर एक जून 2017 से बदली है। महिलाओं के नाम पर 50 लाख रुपये तक की संपत्ति सिर्फ एक रुपये में रजिस्ट्री करने की प्रक्रिया शुरू की गयी। इससे जहां बीते सालों में 10 से 20 फीसदी महिलाओं के नाम पर होने वाली रजिस्ट्री में बढ़ोतरी हुई और सिर्फ 11 महीने में ही यह आंकड़ा 65 फीसदी पार कर गया है।
50 लाख से अधिक की संपत्ति पर 4 फीसदी मुद्रांक : सरकार की कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णय के आलोक में राजस्व, निबंधन व भूमि सुधार विभाग ने अधिसूचना जारी की थी। अधिसूचना के अनुसार एक रुपए टोकन राशि मुद्रांक पर महिला के नाम पर 50 लाख रुपए मूल्य की संपत्ति (मकान अथवा भूमि) की रजिस्ट्री कराई जा सकेगी। यदि संपत्ति का मूल्य 50 लाख रुपए से अधिक रुपए से अधिक का होगा तो 50 लाख रुपए तक ही छूट मिलेगी। 50 लाख से अधिक मूल्य पर 4 फीसदी मुद्रांक शुल्क लगेगा। यदि क्रेताओं की संख्या में एक से अधिक अधिक होगी तो यह छूट तभी दी जा सकेगी, जब सभी क्रेता महिला हों।
अपनी संपत्ति दो साल तक ट्रांसफर नहीं कर सकती महिलाएं : सरकार की इस योजना का लाभ लेने वाली महिलाएं निबंधन की तिथि से दो साल तक उस प्रॉपर्टी को ट्रांसफर नहीं कर सकेगी। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए इस योजना की शुरूआत की गई है। यही वजह है कि कैबिनेट ने एक महिला को सिर्फ एक ही बार अधिकतम 50 लाख कीमत तक की संपत्ति रजिस्ट्री के लिए प्रतिबंधित किया है।