पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • सीताराम पंचतत्व में विलीन, नम आंखों से विदाई दी युवाओं ने कहा हर घर में पैदा होगा एक सीताराम

सीताराम पंचतत्व में विलीन, नम आंखों से विदाई दी युवाओं ने कहा- हर घर में पैदा होगा एक सीताराम

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शहीद सीताराम का पार्थिव शरीर ठीक शनिवार शाम 5:58 बजे मधुबन मोड़ पहुंचा। सैन्य वाहन के पीछे हजारों का काफिला डुमरी से आ रहा था। मधुबन मोड़ पर ही सांसद रवीन्द्र पांडेय, विधायक निर्भय शाहाबादी, जिप अध्यक्ष राकेश महतो सहित तमाम जनप्रतिनिधि व आम लोग मौजूद थे। जहां लोगों ने हाथ जोड़कर शहीद जवान को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद काफिला 6:04 बजे मधुबन गेस्ट हाउस पहुंचा। जहां एसपी, एएसपी, डीएसपी, सीआरपीएफ जवान सहित अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि दी। 6:10 बजे काफिला मधुबन से निकला। वहां से 6:25 में नारायणपुर मोड़ पहुंची, जहां लंबे वक्त से इंतजार कर रहे लोगों ने श्रद्धांजलि दी। फिर 6:40 में शहीद जवान का शव पालगंज मोड़ पहुंचा। जहां लोग सुबह से ही इंतजार कर रहे थे। पालगंज मोड़ में मौजूद बड़ी संख्या में लोगों ने नम आंखों से अपने लाल को नमन किया। शहीद जवान को उनके बड़े भाई सोनू उपाध्याय ने मुखाग्नि दी।

खबर मिलते ही शोक में डूबा गांव

आंसू व आक्रोश के बीच हर आम खास उसकी एक झलक पाने को बेताब थी। उमड़ी सैलाब आंसुओं व आक्रोश का था। जहां से पाकिस्तान हाय-हाय की पुकार हो रही थी। तिरंगे के साथ तैनात लोगों में सीताराम के खोने का गम जरूर था, लेकिन गर्व इस बात की थी, जवान ने डेढ़ दर्जन से अधिक आतंकवादियों को भी पाताल पहुंचाया। युवाओं का कहना था कि सीताराम की शहादत बेकार नहीं जाएगी, बल्कि पीरटांड़ के हर घर में एक सीताराम पैदा होगा, और आतंकवादियों से लोहा लेने को तैयार होगा। पीरटांड़ के इस सपूत ने लोगों की आंखें खोल दी है, और इलाके के युवा वर्ग ने बदला का संकल्प लिया है। शुक्रवार की सुबह सीताराम के शहीद होने की पहली सूचना उसकी प|ी रेशमा उपाध्याय को मिली थी। इसके बाद 15 मिनट के भीतर पूरे देश में यह खबर फैल गई।

सम्मान में बंद रहीं दुकानें

शनिवार को सीताराम का पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से पैतृक गांव पालगंज पहुंचा। पालगंज से लेकर चिरकी व मधुबन की सभी दुकानें व बाजार स्वतः बंद कर तमाम व्यवसायी शहीद सपूत की एक झलक पाने को बेताब थे। पालगंज मोड़ से लेकर डुमरी तक लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। भीड़ में हर आम व खास शामिल थे।

शनिवार शाम 5.58 बजे पहुंचा पार्थिव शरीर, रात 8.45 बजे घाट के लिए रवाना

दोनों बच्चों के साथ रोती-बिलखती प|ी व मां

शहीद जवान की एक झलक पाने के लिए पालगंज मोड़ से लेकर गिरिडीह के सीमा क्षेत्र तक लोग घंटों पहले से पलक बिछाए थे। जहां महिलाएं दो दिनों पलक बिछाए इंतजार कर रही थी। पालगंज मोड़ से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित घर तक तय करने में आधे घंटे से अधिक का वक्त लगा और काफिला घर 7:10 में पहुंची। शव पहुंचते ही प|ी रेशमा व मां किरण सहित घर की तमाम महिलाओं शव से लिपटकर रोने लगी। करीब एक घंटे तक दृश्य पूरी तरह से गमगीन रहा। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में करीब आधे घंटे लगे। फिर 8:45 बजे शव कुलमति घाट के लिए रवाना हुई। जहां शवयात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। महिलाएं व बच्चों की भी तादाद काफी रही।

भारत के संस्कार को कमजोरी मत समझे पाकिस्तान

पाकिस्तान बार-बार भूल कर रहा है, जिसे भारत बर्दाश्त नहीं करेग : सांसद | गिरिडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पांडेय ने कहा कि पाकिस्तान भारतीय संस्कार को कमजोरी मत समझे। जब भारत अपनी वजूद पर आ जाएगी तो फिर पाकिस्तान को अस्तित्व बचाना मुश्किल हो जाएगा। पाकिस्तान बार-बार भूल कर रहा है, जिसे अब भारत बर्दाश्त नहीं करेगा। रमजान को लेकर सीजफायर पर रोक लगाकर भारत ने इंसानियत का परिचय दिया था।

इस बार नहीं बच पाएगा पाकिस्तान : विधायक | विधायक निर्भय शाहाबादी ने कहा कि पाकिस्तान की दुर्गति का वक्त आ गया है। कायराना हरकत कर एक बार फिर उसने अपनी मंशा स्पष्ट कर दिया है। भारत उसे बार-बार चेतावनी दे रही है, लेकिन वह अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा है। सीताराम की शहादत बेकार नहीं जाएगी। शहादात का बदला 100 आतंकवादियों को मारकर भारत लेगा।

पहले से चौगुनी हो चुकी है भारत की ताकत: पूर्व आईजी | पूर्व आईजी सह भाजपा नेता लक्ष्मण सिंह ने कहा कि भारत की शक्ति का 1 फीसदी भी पाकिस्तान नहीं है। सीताराम उपाध्याय की शहादत को देश ने चुनौती के रूप में लिया है।

पाकिस्तान को देगा जवाब भारत : भारद्वाज | भाजयुमो के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बबलू भारद्वाज ने कहा कि पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन कर भारत के साथ विश्वासघात किया है। जिसका जवाब भारत जल्द ही देगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रमजान को लेकर पाकिस्तानियों पर दया की थी। लेकिन सीताराम जैसे जवान पर हमला कर उसने अपनी मंशा जाहिर कर दी है। अब भारत दया नहीं सिर्फ हमला करेगा।

भारत को अब एक मिनट भी देर नहीं करनी चाहिए : बाबूलाल | भारत सरकार को अब एक मिनट भी देर नहीं करनी चाहिए। एक-एक कर सरहद पर तैनात जवान मारे जा रहे हैं और प्रधानमंत्री सिर्फ सत्ता के लोभ में व्यस्त हैं। ये बातें झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कही। शनिवार को वे शहीद जवान सीताराम उपाध्याय को श्रद्धांजलि देने उनके घर पालगंज पहुंचे। पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सीताराम पालगंज व पीरटांड़ का नहीं बल्कि वह देश का सपूत था। शहीद जवान माता-पिता व प|ी के जीविकोपार्जन के लिए झारखंड व केन्द्र सरकार से 50-50 लाख रुपए मुआवजा व प|ी को सरकारी नौकरी और बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था करें।

शहीद सीताराम की प्रतिमा स्थापित करे सरकार

गिरिडीह | गिरिडीह के सपूत शहीद सीताराम उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए माले नेता राजेश सिन्हा ने उनकी प|ी और बच्चे को ध्यान में रखते हुए एक करोड़ मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही पालगंज और गिरिडीह में शहीद की विशाल मूर्ति बने ताकि गिरिडीह की जनता हमेशा ऐसे वीर सपूत को याद कर सके और वीरता की गाथा गा सके।

खबरें और भी हैं...