गिरिडीह | गोतिया द्वारा घर के रास्ते को बंद किए जाने से परेशान सदर प्रखंड के लेदा की वयोवृद्ध सरस्वती देवी को अब तक प्रशासन से राहत नहीं मिली है। उल्टा सहयोग करने के बजाय अधिकारियों ने भुक्तभोगी महिला को गुरुवार को एक बार फिर धरने से यह कहते हुए जबरन उठा दिया कि उनके बंद रास्ते को जल्द खोलवाया जाएगा। इसलिए वह धरने से अपने तीनों पोतों के साथ उठ जाए। आश्वासन के बीच जबरन धरने से उठाई गई सरस्वती देवी को बीते 11 मई को सदर एसडीएम विजया जाधव ने भी यही आश्वासन देते हुए समाहरणालय परिसर से धरने पर उठाई थी।
दो दिन बीतने के बाद भी एसडीएम की ओर से जब पहल नहीं हुई तो भुक्तभोगी सरस्वती देवी गुरुवार को तीसरी बार अपने तीनों पोते आदित्य कुमार और मदन मुरारी के साथ समाहरणालय में धरना पर बैठ गई। सारा दिन धरने पर बैठने के बाद देर शाम भुक्तभोगी महिला को उसके पोते के साथ उठाने सरकारी कर्मी पहुंचे, और फिर एक बार यह कहते हुए धरने से उठाया कि उनके गोतिया द्वारा बंद किए गए रास्ते को हर हाल में खाेलवाया जाएगा, और यदि धरना समाप्त नहीं करती है तो फिर प्रशासन अपना तरीका अपनाएगी।