गर्ल्स स्कूल से महिला कालेज तक की सड़क इतनी जर्जर अवस्था में है कि यहां से गुजरने वाले राहगीरों को केवल हिचकोले ही खाने पड़ते है। वीआईपी इलाका है पर राह इतनी जर्जर कि कभी-कभी भ्रम हो जाता है कि शहर के प्रमुख इलाके से गुजर रहे हैं या गांव की पगडंडियों पर। शास्त्रीनगर, देवनगर, न्यू बरगंडा, प्रोफेसर कालोनी व बरगंडा अंश को मिलाकर बने वार्ड संख्या नौ में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। इन इलाकों के पोल में लटक रहे तार इतनी जर्जर है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। विदित हो कि स्थानीय लोगों के अलावा महिला कालेज की करीब सात हजार व गर्ल्स स्कूल की इक्कीस सौ लड़कियां इन राहों से रोजाना गुजरती है। यही स्थिति क्षेत्र में नालियों की है। वार्ड पार्षद अमित बरदियार की मानें तो क्षेत्र की नाली व गली बनने की प्रक्रिया है। कागजी खानापूर्ति के बाद इन गलियों व नालियों की स्थिति बदलेगी। पेयजल के नाम पर सप्लाई की पानी पर ही भरोसा है जो रोजाना आधा घंटा भी नही चलता है। क्षेत्र में स्थित चापानल व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रही है। जगह-जगह गंदगी का अंबार है। कई बार स्थानीय लोगों ने इस संबंध में शिकायतें की लेकिन हर बार जनप्रतिनिधियों की ओर से आश्वासन दिया जाता रहा। आश्वासनों को असर जमीन पर नहीं दिखा।
हमारी समस्याओं काे चाहिए तारणहार
सड़कें जर्जर, खंभे पर लटके बिजली के तार
सुविधा उपलब्ध कराने का होगा प्रयास : वार्ड पार्षद
वार्ड पार्षद अमित बरदियार ने कहा कि नगर निगम से प्रदत्त सुविधाओं को क्षेत्र में बहाल करने का प्रयास किया जायेगा। कहा कि वार्ड के लिए कोई निजी फंड का प्रावाधान नही है, यही कारण है कि चाहकर भी सुविधा उपलब्ध नही की जा रही है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के गढ़े में डस्ट भरने की मांग नगर निगम से की गई है। विभाग से जर्जर तार को बदलने की मांग की गई है। गली व नाली को नए सिरे से बनाने की जरूरत है।
नगर निगम से है लोगो की आस
हर्षवर्द्वन ने कहा कि इलाके में कहीं भी वेपर लाइट की समुचित व्यवस्था नही की गई है। कहा कि पोल पर लटक रहे जर्जर तार कभी भी हादसे का कारण बन सकती है।
रंधीर कुमार ने कहा कि गिरिडीह नगर निगम का दर्जा हासिल कर लिया पर सुविधा के नाम पर कुछ भी नही दिया जा रहा है। पानी का सप्लाई बंद हो जाता है तो पेयजल के लिए क्षेत्र में हाहाकार मच जाता है।
हरिकिशोर पुरी ने कहा कि क्षेत्र में पानी की घोर किल्लत है। चौबीस घंटे में आधा घंटा भी वाटर सप्लाई नही किया जाता है। क्षेत्र में लगे चापानल मरम्मत नहीं होने से बेकार पड़े हैं।
अशोक यादव ने कहा कि क्षेत्र में जितनी भी चापानल है सभी खराब है। चालू स्थिति में एकमात्र चापानल दुर्गामंडप में है जहां ताला लटकता रहता है। मरम्मत का आश्वासन दिया जाता है पर सूचना देने के बावजूद कोई झांकने नही आता है।
जीतेन्द्र गुप्ता ने कहा कि क्षेत्र में गढ़े में सड़क है या स़ड़क में गढ़ा पता नही चलता। कई सड़के सालों पूर्व बनी थी जिसकी हालत जर्जर हो चुकी है। सड़क के बीच जानलेवा गढ़े हैं।