जिला परिषद सभागार में शुक्रवार को मनरेगा व प्रधानमंत्री आवास योजना की बैठक की गई। बैठक में जिले के सभी प्रखंड के बीपीओ, जेई , रोजगार सेवक, पंचायत सेवक ने भाग लिया। अध्यक्षता डीडीसी मुकुंद दास ने की। डीडीसी ने मनरेगा के तहत जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की। बिरनी प्रखंड के शाखाबारा, केंदुवा, सरिया प्रखंड के सरिया खुर्द, गांडेय प्रखंड के बदगुंदा, गिरिडीह प्रखंड जसपुर, बेरदोंगा, सेनादोनी, पीरटांड़ प्रखंड चिलगा और बिशनपुर पंचायत में मनरेगा मजदूरों का भुगतान लंबित रहने को लेकर सभी संबंधित पंचायत सेवकों को शोकॉज जारी किया गया है। वहीं पुरनानगर, अलगुंदा ,तेलोडीह पंचायत के कनीय अभियंता के द्वारा मापी पुस्तिका नहीं भरे जाने को लेकर डीडीसी ने कड़ी फटकार लगाते हुए दो दिनों के अंदर मापी पुस्तिका तैयार कर डीआरडीए कार्यालय को सुपुर्द करने निर्देश दिया है। इस दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन में कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया।
मनरेगा की समीक्षा बैठक करते डीडीसी।
गांडेय प्रखंड में मनरेगा की सर्वाधिक योजना लंबित
डीडीसी ने मनरेगा की लंबित योजनाओं की समीक्षा की। जिसमें सर्वाधिक लंबित योजना गांडेय प्रखंड में सामने आया। जहां मनरेगा की 115 लंबित है। जबकि गिरिडीह प्रखंड में 80, जमुआ प्रखंड में 76, देवरी प्रखंड में 50 एवं तिसरी प्रखंड में कुल 35 योजनाएं लंबित पाई गई। डीडीसी ने उन लंबित योजनाओं को अविलंब बंद करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा मनरेगा की नई योजनाओं में मनरेगा 60 प्रतिशत मजदूरी भुगतान एवं 40 प्रतिशत सामाग्री के एवज में नियमानुसार भुगतान का निर्देश दिया है।
लाभुक को 24 घंटे के भुगतान का आदेश
पंचायत सेवकों को कड़ी फटकार लगाते हुए डीडीसी ने कहा की सिस्टम बदलें, अन्यथा कार्रवाई होगी। बगोदर प्रखंड में वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास के दो लाभुकों को दूसरी व तीसरी किस्त की राशि लंबित रखने वाले पंचायत सेवक को 24 घंटे के भीतर भुगतान का निर्देश दिया है। बगोदर प्रखंड के अटका पंचायत के पंचायत सेवक बाबूलाल मुर्मू ने डीडीसी को बताया की अटका में भू्मि विवाद के कारण कुछ प्रधान मंत्री आवास योजना लंबित है। इस पर डीडीसी ने कहा कि अविलंब मामले का निष्पादन कर कार्य पूरा करें।