शहर के मकतपुर रोड स्थित शांति भवन आश्रम में आयोजित 21 दिवसीय श्रीमदभागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक सीताराम शास्त्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच कथा श्रवण कराते हुए कहा कि मृत्यु अटल सत्य है और इस अटल सत्य का सामना मृत्युलोक में सबों को करना है। लेकिन मानव के सद्कर्म ही मृत्यु के दौरान उसके साथ होते है ऐसे में सद्कर्म से मानव को पीछे नहीं रहना चाहिए। कथावाचक शास्त्री ने कहा कि कलियुग में भागवत कथा हर इंसान के दुखों का निदान है। भागवत कथा का श्रवण करने से मानव समाज के भीतर कई विकारों का अंत होता है। हर युग में भागवत कथा कष्टप्रद जीवन से मुक्ति का उचित मार्ग माना गया है। सृष्टि का संचालन ब्रह्मा-विष्णु व महेश संयुक्त रूप से संचालित करते है। तीनों देवों पर ही सृष्टि का पूरा भार है। मानव सच्चे मन से इनकी अराधना करे, तो हर समस्या से मुक्त रहेगा। तीसरे दिन शांति भवन आश्रम में काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। कथा को सफल बनाने में आश्रम की साध्वी चैतन्य बहन, रीता के अलावे सुनील कंधवे, विवेक शर्मा समेत अन्य स्वयं सेवकों ने भूमिका निभाया।
मकतपुर रोड स्थित शांति भवन आश्रम में आयोजित 21 दिवसीय श्रीमदभागवत कथा के तीसरे दिन उमड़े श्रद्धालु
प्रवचन करते कथावाचक।
मौजूद श्रद्धालु।