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गावां, तिसरी व देवरी में 50 अवैध माइका खदानों की डोजरिंग कराएगा वन विभाग

3 वर्ष पहले
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धनवार के करगाली में माइंस हादसे के बाद गिरिडीह जिला वन विभाग भी अलर्ट हो गया है। वनभूमि में बड़े पैमाने पर संचालित अवैध माइका माइंस को डोजरिंग करने की तैयारी में विभाग जुट गया है। इससे पहले जिले के तिसरी, गावां व देवरी थाना क्षेत्र के वन भूमि में संचालित करीब 50 से अधिक अवैध माइका माइंस को चिन्हित किया गया है। जिसे पहले चरण में डोजरिंग किया जाएगा। स्थानीय रेंजर व वनरक्षियों के माध्यम से इन माइका माइंसों को चिन्हित किया गया है। जो सुदूर बीहड़ जंगलों के बीचों बीच स्थित है। कुछ इलाके में नक्सलियों को भी दबदबा है। जहां माइका तस्कर नक्सलियों से मिलीभगत कर माइका का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। वन विभाग को मिली रिपोर्ट के मुताबिक सुरंग के माध्यम से माइका का उत्खनन किया जा रहा है। माइंस का उपरी हिस्से की लंबाई चौड़ाई भले ही 4-4 फीट की होती है। लेकिन उसकी गहराई 75 से 250 फीट तक होती है। उसमें सुरंग के माध्यम से मजदूर अंदर घूसते हैं और माइका उत्खनन कर घिरनी के माध्यम से उपर भेजते हैं। इस तरह देवरी, तिसरी व गावां थाना क्षेत्र के जंगल प्रक्षेत्र में अवैध माइका माइंस का संचालन हो रहा है। इन माइंसों में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है और बड़ी संख्या में मजदूरों की जान जा सकती है। लिहाजा इस डोजरिंग करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि डोजरिंग के दौरान माइका तस्करों से भी सामना हो सकता है। इस लिहाज से उपायुक्त व एसपी को पत्राचार कर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की मांग की गई है। ताकि किसी भी परिस्थिति से निबटते हुए डोजरिंग अभियान को सफल किया जा सके।

डीसी व एसपी से की मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की मांग

धनवार के इसी करगाली खदान में चाल धंसने के बाद वन विभाग ने लिया खदानों की डोजरिंग कराने का निर्णय।

मात्र 12 के पास माइका भंडारण का लाइसेंस : डीएफओ

डीएफओ ने बताया की गिरिडीह जिले में सिर्फ 12 व्यवसायियों के पास माइका भंडारण का लाइसेंस है। जिसमें वे सिर्फ माइका का ही भंडारण कर सकते हैं। यदि वे ढिबरा का भंडारण कर रहे हैं तो वह अवैध है। डीसी द्वारा उन्हें सिर्फ माइका का भंडारण करने की लाइसेंस दिया गया है। कहा कि कई बार इन लोगों के स्टॉक की जांच भी की गई, जिसमें बताया जाता है कि वे राजस्थान व गुजरात से माइका लाते हैं और फिर उसे तैयार कर एक्सपोर्ट करते हैं। लेकिन वन विभाग की उनके तमाम गतिविधियों पर नजर है। सूचना है कि कुछ लोग अवैध रूप से ढिबरा का भी स्टॉक रखे हैं, जिस पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

सिटी रिपोर्टर| गिरिडीह

धनवार के करगाली में माइंस हादसे के बाद गिरिडीह जिला वन विभाग भी अलर्ट हो गया है। वनभूमि में बड़े पैमाने पर संचालित अवैध माइका माइंस को डोजरिंग करने की तैयारी में विभाग जुट गया है। इससे पहले जिले के तिसरी, गावां व देवरी थाना क्षेत्र के वन भूमि में संचालित करीब 50 से अधिक अवैध माइका माइंस को चिन्हित किया गया है। जिसे पहले चरण में डोजरिंग किया जाएगा। स्थानीय रेंजर व वनरक्षियों के माध्यम से इन माइका माइंसों को चिन्हित किया गया है। जो सुदूर बीहड़ जंगलों के बीचों बीच स्थित है। कुछ इलाके में नक्सलियों को भी दबदबा है। जहां माइका तस्कर नक्सलियों से मिलीभगत कर माइका का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। वन विभाग को मिली रिपोर्ट के मुताबिक सुरंग के माध्यम से माइका का उत्खनन किया जा रहा है। माइंस का उपरी हिस्से की लंबाई चौड़ाई भले ही 4-4 फीट की होती है। लेकिन उसकी गहराई 75 से 250 फीट तक होती है। उसमें सुरंग के माध्यम से मजदूर अंदर घूसते हैं और माइका उत्खनन कर घिरनी के माध्यम से उपर भेजते हैं। इस तरह देवरी, तिसरी व गावां थाना क्षेत्र के जंगल प्रक्षेत्र में अवैध माइका माइंस का संचालन हो रहा है। इन माइंसों में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है और बड़ी संख्या में मजदूरों की जान जा सकती है। लिहाजा इस डोजरिंग करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि डोजरिंग के दौरान माइका तस्करों से भी सामना हो सकता है। इस लिहाज से उपायुक्त व एसपी को पत्राचार कर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की मांग की गई है। ताकि किसी भी परिस्थिति से निबटते हुए डोजरिंग अभियान को सफल किया जा सके।

वन विभाग ने खदान और कारोबारियों को किया िचह्नित

इस संबंध में पूर्वी वन प्रमंडल के डीएफओ कुमार आशीष ने कहा की पहले चरण में जिले के गावां, तिसरी व देवरी थाना क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित 50 माइका खदानों को चिन्हित किया जा चुका है। इसके साथ ही कारोबारियों को चिन्हित किया जा रहा है। तमाम अवैध माइका खदानें भयानक स्थिति में है, बरसात में इसके धंसने की आशंका अधिक है, जिसमें लोगों की जान भी जा सकती है। लिहाजा डोजरिंग के साथ वन विभाग वैसे संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करेगी। फिलहाल जिन स्थलों को चिन्हित किया गया है उसमें तिसरी प्रक्षेत्र के मचनियां, पंचरूखी, खाकोढाब, गैनरा, गोडा, गावां प्रक्षेत्र के सांख, बैंडरो, जमडार, पीहरा, चरकी सहित अन्य इलाकों में स्थित है। कुछ दिन पूर्व गांवा रेंजर द्वारा गावां एवं तिसरी जंगल में 12 माइका खादानेां को डोजरिंग किया जा चुका है। शेष बचे खदानों को डोजरिंग करने के लिए डीसी से पुलिस बल की मांग कि गई है। पुलिस बल मिलते ही माइका खदानों की डोजरिंग काम प्रारंभ कर दिया जाएगा।

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