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ओडीएफ गांव में पेयजल की किल्लत से जूझ रहे वार्ड के लोग, पानी टंकी बनी शोभा की वस्तु

3 वर्ष पहले
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कच्ची सड़क, कच्चे आवास व जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं, नगर निगम में शामिल वार्ड संख्या 13 की यही पहचान है। नगर निगम में शामिल होने से पूर्व वार्ड का कई इलाका पांडेयडीह व सिरसिया पंचायत में शामिल था। यहां सबसे चकित करने वाली बात यह है कि पांडेयडीह व सिरसिया दोनो पंचायत ओडीएफ थी, पर ओडीएफ गांव में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। अब कल्पना कीजिए कि ओडीएफ पंचायत में स्थानीय लोग शौच के लिए कहां जाते होगें। पांडेयडीह, शीतलपुर अंश, चेरीटांड़, जंगलपुर, मैगजिनिया व जगदीशनगर को शामिल कर बनाए गए इस वार्ड में बुनियादी सुविधाओं की कोई व्यवस्था नहीं है। कागज पर सब है पर जमीनी हकीकत कहीं नजर नहीं आती है। अब भी क्षेत्र की बड़ी आबादी पेयजल के लिए उसरी व कुंजडवा नहीं पर आश्रित है। बिजली की भी स्थिति दयनीय है। कई क्षेत्रों में बिजली केबल झुलती नजर आती है पर उसमें अब तक बिजली का कनेक्शन नहीं दिया गया है। बिजली की स्थिति ऐसी है कि वार्ड पार्षद सोमर मरांडी का मोबाईल पास के गांव में चार्ज के लिए जाता है।

हमारी समस्याओं काे चाहिए तारणहार

कच्ची सड़कें, कच्चे मकान वार्ड की पहचान

वार्ड में खराब पड़ा चापानल।

बीच मोहल्ले में डंप किया गया कचरा।

बांस के पोल से तार खींचकर लाया गया है कॉलोनी में

वार्ड के सिंकदर कुमार ने कहा कि जहां घनी आबादी है वहां ट्रांसफार्मर नहीं है, वहीं सुनसान इलाका में ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी व जमीन माफिया की मिलीभगत से सुनसान इलाका में ऐसी व्यवस्था की गई है।

पिंटू कुमार दास ने कहा कि क्षेत्र के चेलीटांड़ में करीब सौ आवास है पर एक भी पीसीसी सड़क नहीं है। बांस के पोल से तार खींच कर ले जाया गया है। कहा कि लघु ग्रामीण पेयजल योजना के तहत पानी टंकी बनायी गई है पर वह बेकार पड़ी है।

रानी देवी ने कहा कि जीने के लिए सबसे जरूरी पानी है, पर पानी के लिए रोजाना जंग लड़ना पड़ता है। क्षेत्र में पेयजल की सुविधा न होने के कारण पास के नदी से पानी लाना पड़ता है। उन्होंने इस संवाददाता से ही पूछा कि क्या नगर निगम बनने के बाद सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी। लोगो को आवास और गैस चूल्हा दिया जा रहा है पर ऐसी सुविधाएं ग्रामीणों को अब तक मयस्सर नहीं हो रहा हैं।

सूरज प्रसाद महतो ने कहा कि क्षेत्र में पानी, बिजली व आवास का घोर संकट है। न पानी की व्यवस्था है और न बिजली की कोई सुविधा। ऐसी स्थिति में ओडीएफ का क्या लाभ। कहा कि नगर निगम में शामिल होने के बाद लोगो की उम्मीदें बढ़ गई है।

राजू तुरी ने कहा कि क्षेत्र में अधिकतर गरीब निवास करते है। आवास की सुविधा नहीं दी गई है। क्षेत्र के कई आवास जर्जर स्थिति में है। बरसात से पूर्व उसकी मरम्मत कर रहने लायक किया जाता है पर पुन: बरसात के बाद आवासों की स्थिति पूर्व जैसी हो जाती है।

क्षेत्र में 15 सौ आवास की जरूरत- सोमर मरांडी

वार्ड संख्या 13 के वार्ड पार्षद सोमर मरांडी ने कहा कि क्षेत्र में पानी, बिजली व सड़क का घोर अभाव है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की अधिकतर आबादी गरीबो की है। कई के कच्चे मकान है, खुद कच्चे मकान में निवास कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि पूर्व में यह क्षेत्र पंचायत में शामिल था। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को नए सिरे से संवारने की जरूरत है। सुविधा के नाम पर यहां न बिजली है, न पानी है और न लोगो के लिए सरकारी आवास। कहा कि बोर्ड की पहली बैठक में क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया था। क्षेत्र के कई इलाके में कई दिनों से बिजली नहीं है। विभाग को शिकायत की जाती है तो कोई ध्यान नहीं देता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले स्थानीय गरीबों को आवास उपलब्ध कराया जायेगा। कहा कि पूरा प्रयास होगा की क्षेत्र की तस्वीर बदल दूं।

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