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ईएसपी मशीन चलाने की शर्त पर बालमुकुंद फैक्ट्री होगी चालू

3 वर्ष पहले
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प्रदूषण के खिलाफ एसडीएम विजया जाधव की लगातार कार्रवाई के बाद कारखान संचालकों में हड़कंप मचा है। कार्रवाई के भय से कई फैक्ट्री संचालकों ने ईएसपी मशीन को लगातार चालू कर रखा है। जिससे आसपास रहने वाले ग्रामीणों को राहत मिल रही है। इसके साथ ही एसडीएम ने सभी कारखाना संचालकों को सभी मानकों का सख्ती से अनुपालन करने का सख्त निर्देश दिया है। इस बाबत सभी कंपनी के नाम लिखित नोटिस जारी की गई है। जिसमें प्रदूषण रोकने के लिए नियमित रूप से ईएसपी मशीन को चालू रखने की हिदायत दी गई है। मंगलवार को दैनिक भास्कर से बातचीत के क्रम में एसडीएम ने कहा कि कारखाना चलना जरूरी है, लेकिन प्रदूषण फैलाकर ग्रामीणों को बीमार करना अथवा उसे मौत के मुंह में धकेलने की इजाजत किसी को नहीं है। जो भी कारखाना संचालक नियमों की अनदेखी करेंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। निर्देश के बावजूद कुछ फैक्ट्रियों में अब भी ईएसपी मशीन नहीं चलाई जा रही है, जल्द ही उन फैक्ट्रियों में भी छापामारी कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। चतरो स्थित बालमुकुंद स्पंज आयरन कंपनी ने लिखित रूप से मानकों के अनुपालन की बात कही है। कामगारों को हेल्मेट, जूता सहित सेफ्टी के तमाम संसाधन उपलब्ध कराया है। चतरो सहित विभिन्न इलाकों में नियमित हेल्थ कैंप, ईएसपी मशीन नियमित चलाने आदि की शर्तों पर फैक्ट्री को चालू करनी की अनुमति दी गई है।

दैनिक भास्कर की पहल

एसडीएम की कार्रवाई से कारखाना संचालकों में हड़कंप, ग्रामीणों को प्रदूषण से मिलेगी राहत, फैक्ट्री संचालकों को करना होगा जनकल्याणी कार्य

फैक्ट्री चलना जरूरी पर लोगों को बीमार करने व मौत के मुंह में धकेलने की इजाजत नहीं : विजया जाधव

जनकल्याणकारी कार्य प्रभावित इलाकों में करें : कारखाना संचालकों को आसपास के गावों में सीएसआर के तहत जनकल्याणकारी कार्य करने के भी निर्देश दिए गए हैं। शहर में कोई काम दिखाकर यदि उसे सीएसआर में काउंट करता है, तो वह अमान्य होगी। इसे आसपास के गांवों में ही करना होगा। चाहे वे स्वास्थ्य व्यवस्था में करें अथवा शिक्षा व्यवस्था में या फिर पर्यावरण के क्षेत्र में। लेकिन प्रबंधन को प्रभावित क्षेत्र में ही करना होगा। कुल मिलाकर फैक्ट्री संचालन से गांव वालों को कोई अहित न हो, यह सभी को सुनिश्चित करना होगा।

संबद्ध सड़कों का खुद निर्माण व मरम्मति कराएं प्रबंधन : एसडीएम ने यह भी निर्देश दिया कि जिस फैक्ट्री के आसपास की सड़क जर्जर हो चुकी है और उस सड़क का इस्तेमाल वे खुद के लिए करते हैं। अथवा उनके फैक्ट्री से जुड़े वाहनों की आवाजाही होती है तो उस सड़क की मरम्मति अथवा नवनिर्माण अविलंब कराएं। गिरिडीह-धनबाद रोड से जो सड़क चाइना फैक्ट्री की ओर जाती है, वह बेहद घटिया है। लिहाजा अतिवीर हाईटेक कंपनी के संचालक को अविलंब उस सड़क मरम्मति का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा अन्य फैक्ट्री संचालकों को भी सड़कों की मरम्मति व निर्माण का निर्देश दिया गया।

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