सिटी रिपोर्टर| गिरिडीह/धनवार
गिरिडीह के धनवार थाना क्षेत्र के करगाली में पत्थर खदान में चाल धंसने से वहां काम कर रहे सात मजदूर दब गए। देर रात तक सभी मजदूर चाल में फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया है। रात 10.15 बजे तक चार मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिए गया। करगालीखुर्द के खदान में दबे सभी मजदूर कोडरमा जिले के ढाबपढरिया के रहने वाले हैं। बताया जाता है कि 11 मजदूर ड्रिल मशीन से पत्थर खनन का काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज आवाज के साथ खदान का एक बड़ा हिस्सा भराभरा कर नीचे धंस गया और सात मजदूर चाल में धंस गए। गनीमत रहा कि तेज आवाज होने के कारण मजदूर चौकन्ने हो गए। चाल में फंसे अन्य तीन मजदूरों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। धंसे हुए चाल से सुरक्षित निकल कर आए ढाबपढरिया के एक मजदूर संतोष सिंह ने बताया कि खदान में जो 11 मजदूर काम कर रहे थे। उसमें चार मजदूर सुरक्षित निकल गए। जिसमें वह खुद भी शामिल है। धनवार पुलिस घटनास्थल पर पहुंच चुकी है तथा जेसीबी मशीन से दबे लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा था। माईंस संचालक बीरू मोदी डोमचांच का रहने वाला है। वहां पर काम कर रहे मजदूर राजेंद्र सिंह ने बताया कि खदान में शाम 5:30 बजे के करीब जब लोग पत्थर निकालने का काम कर रहे थे तभी अचानक भारी मात्रा में चाल धंस गया और वे लोग दब गए। 11 लोग काम कर रहे थे। काम करने वाले लोगों में महेश सिंह, लखन सिंह आदि थे। बाकी का पता नहीं चल रहा है। जबकि कुछ लोगों का कहना है कि कुछ लाशें आनन-फानन में निकालकर कहीं ले जाया गया है।हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खदान के अंदर जाने का रास्ता बंद हो चुका है और खदान के नीचे घूमते फिरते कुछ लोग देखे जा रहे हैं। घटनास्थल पर खोरीमहुआ एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार व धनवार सीओ सहित धनवार थाने की पुलिसकर्मी मौजूद थे।
रात 8 बजे से घटनास्थल पर शुरू किया गया राहत एवं बचाव कार्य
रात 10.15 बजे तक चार मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया
करगालीखुर्द में पत्थर के खनन के दौरान चाल धंसने से खदान में फंसे मजदूर।
शाम पांच बजे हुआ हादसा: सुरक्षित निकल कर आया मजदूर संतोष ने बताया कि खदान में एक साथ तीन ड्रिल मशीन लगा हुआ था। तीनों ड्रिल मशीन से मजदूर पत्थर उत्खन्न में लगे हुए थे। इसी बीच शाम करीब 5 से छह बजे के बीच यह हादसा हुआ। हादसे के बाद एसडीएम रविशंकर विद्यार्थी, एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार के अलावे धनवार सीओ शशिकांत सिंकर व धनवार थाना प्रभारी सुरेन्द्र सिंह भी घटनास्थल पहुंच कर पूरे मामले से स्थानीय लोगों से अवगत होने में लगे थे। घटना के बाद काफी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। जानकारी के अनुसार करगाली के जिस पत्थर खदान का चाल धंसा है वह कोडरमा के डोमचांच के वीरेन्द्र मोदी का बताया जा रहा है। खदान से पत्थर उत्खनन अवैध हो रहा था, या वैध। इस बात की पुष्टि डीएमओ विभूती नारायण प्रसाद ने रविवार को दस्तावेज की जांच कर बताने की बात कही है। हालांकि खदान के पट्टाधारी मोदी के साथ कई और पत्थर कारोबारियों का ज्वांईट लाईसेंस की बात कही जा रही है।
पत्थर खदान में फंसे मजदूरों को चारपाई के सहारे निकालने का प्रयास शुरू किया गया।
राहत कार्य चल रहा है : एसडीपीओ
इधर खोरीमहुआ एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार ने कहा कि फिलहाल जानकारी जुटाई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ लाश लोग निकालकर भाग गए हैं। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है। राहत कार्य चलाया जा रहा है। इसके बाद ही सबकुछ स्पष्ट हो सकेगा।